-
दुनिया
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
प्रतिष्ठित VIT ग्रुप के सीहोर कॉलेज में कुप्रबंधन से नाराज छात्रों का हंगामा, गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़…जांच कमेटी बनी
-
अश्लील कविता, महिला के अंगों की आपत्तिजनक प्रस्तुति
साहित्य, कला और संस्कृति के नाम पर स्त्री अंगों को लेकर लिखी गई कविता को साहित्य जगत में बेहद अश्लील माना जा रहा है। इस कविता की शिकायत प्रदेश के संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर को की गई है। कविता भारत भवन के प्रशासनिक अधिकारी प्रेमशंकर शुक्ला की है। शुक्ला के कविता संग्रह प्रेम की कविता में मीठी पीर के नाम से एक कविता है जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विवाद हुआ है।
कविता है…..
मीठी पीर
(कंचन)जंघाएँ अलसाई पड़ी हैं
योनि जागती है
सुख की तलब में
मथे गये उरोज में
उठ रही है
मीठी पीर
नाभि में जो उठ रहा है
उसी को बुदबुदा रहे हैं
होठ
साथ चली गलियों की
तलवों में
गुदगुदी है
कोयल की पुकार में
रह-रहकर
रात गड़ती है।




Leave a Reply