वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे पर वेबीनार सीरीज “कौशल चर्चा” का आगाज

वर्तमान समय में विश्व में कौशल विकास के महत्व और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र की आमसभा ने वर्ष 2014 में प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य युवाओं का कौशल विकास करना है जिससे रोजगार के अवसरों का सृजन और आंत्रप्रेन्योरशिप की भावना का विकास किया जा सके। भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर यह आवश्यक है कि ऐसे उपाय किए जाएं जिससे युवाओं का कौशल विकास हो और वे अधिक उपयोगी बन सकें। इसी कारण कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थान आईसेक्ट द्वारा युवाओं में सीखने और कौशल विकास की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे को सेलिब्रेट किया जा रहा है और विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। इसमें आठ दिवसीय वेबिनार श्रृंखला “कौशल चर्चा” विशेष है जो 15 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित की जा रही है जिसमें जाने माने एकेडमिशियन, गवर्नमेंट ऑफिशियल, इंडस्ट्री एक्सपर्ट शामिल होंगे और युवाओं एवं उनके द्वारा सुझाए जा
रहे समाधानों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

यह कौशल चर्चा सीआईआई के एमपी स्किल डेवलपमेंट पैनल द्वारा आईसेक्ट एवं एनएसएन के साथ मिलकर आयोजित की जा रही है। कौशल चर्चा के तहत पहले दिन “पोस्ट पैंडेमिक चैलेंजेस एंड अपॉर्चुनिटी इन स्किल डेवलपमेंट” विषय पर पैनल डिस्कशन का आयोजन हुआ जिसमें मुख्य वक्ताओं में दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. निहारिका वोहरा ने शिक्षा और कौशल के एकीकरण किए जाने की बात की। एशियन डेवलपमेंट बैंक के कंसल्टेंट सौरभ जौहरी ने कोरोना महामारी के बीच नए उभरते सेक्टर्स जैसे हेल्थ, फार्मा, टूरिज्म पर बात की और इनमें स्किल्ड लोगों की जरूरत के बारे में बताया। टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड के एचआर विभाग के एजीएम पार्थ सारथी बसु ने अपने वक्तव्य में ऑटेमोटिव सेक्टर के बारे में चर्चा की। टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (वेस्ट) के रीजनल हैड प्रवीण सिरोही ने बताया कि 5जी तकनीक आने से किस प्रकार बदलाव आएंगे और नई
जॉब्स के अवसर भी खुलेंगे। अंत में आईसेक्ट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कौशल विकास और प्रशिक्षण के क्षेत्र में आईसेक्ट द्वारा लिए जा रहे नए इनीशियटिव्स के बारे में विस्तार से बताया। चर्चा का संचालन शलभ नेपालिया द्वारा किया गया।
कौशल चर्चा के दूसरे दिन “मेनस्ट्रीम वोकेशनल एजुकेशन : मेकिंग एनईपी 2020 ए रिएलिटी” विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ और आईसेक्ट स्कूल प्रोजेक्ट की वेस्ट बंगाल स्टेट रिपोर्ट को लॉन्च किया गया। आईसेक्ट स्कूल प्रोजेक्ट की सभी पैनलिस्ट द्वारा सराहना की गई। इस दौरान मुख्य वक्ताओं में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की सीनियर फैलो और न्यू एजुकेशन पॉलिसी पर कमिटी के लिए कंसल्टेंट सदस्य डॉ. लीना वाडिया ने नई शिक्षा नीति
के परिप्रेक्ष्य में शिक्षा और कौशल की एकरूपता और ज्ञान के प्रसार के लिए व्यवहारिक तरीकों को अपनाए जाने की बात की। पीएसएससीआईवीई में प्रोफेसर प्रो. वीएस मेहरोत्रा ने टीचिंग और ट्रेनिंग में अंतर को बताया। वेस्ट बंगाल में डायरेक्टोरेट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रैनिंग के एनएसक्यूएफ सेल इंचार्ज पार्था दास ने वेस्ट बंगाल में न्यू एजुकेशन पॉलिसी के क्रियांवयन को लेकर तकनीकी शिक्षा विभाग की तैयारी से अवगत कराया। आईसेक्ट के वाइस
प्रेसिडेंट अरविंद चतुर्वेदी ने आईसेक्ट का वोकेशनल एजुकेशन इन आईसेक्ट के अनुभव के बारे में बताया एवं सुधार किए जाने वाले पहलुओं पर भी चर्चा की। कौशल चर्चा का संचालन आईसेक्ट के नेशनल प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक गुप्ता द्वारा किया गया।
वेबीनार श्रृंखला के तीसरे दिन “द चैंजिंग लैंडस्केप ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड प्लेसमेंट (लेबर फोर्स/वर्क फोर्स) इन ए पोस्ट कोविड सिनेरियो” विषय पर पैनल डिस्कशन का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य वक्ताओं में पैनासोनिक एनर्जी इंडिया के एचआर और एडमिनिस्ट्रेशन के हैड मयंक वाजपेयी ने बताया कि महामारी के चलते जहां एक ओर कुछ सेक्टर्स में जॉब्स कम हुई हैं, वहीं कुछ सेक्टर्स जैसे लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन, बीएफएसआई इत्यादी में नई जॉब्स का सृजन हुआ है। टाटा ट्रस्ट टीआईआरएफ के मैनेजर अर्जुन कौरव ने बताया कि इस महामारी के दौर में इंफॉर्मल सेक्टर ने खुद को तैयार किया और लोगों की काउसंलिंग की। स्टार्टअप “अपना” के ग्रोथ एंड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप्स हैड निखिल रुस्तगी ने कहा कि अब टेक्नोलॉजी और डिजिटाइजेशन हाइरिंग की प्रक्रिया को अधिक आसान बना रहे हैं और एक महत्वपूर्ण किरदार अदा कर रहे हैं। सेक्टर स्किल काउंसिल फॉर फूड प्रोसेसिंग में डिप्टी जनरल मैनेजर (ट्रैनिंग) प्रिथा त्रिपाठी ने “स्किल प्रीमियम” कॉन्सेप्ट को समझाया। उन्होंने कहा कि जॉब सीकर्स को कम्यूनिकेशन बेहतर करना चाहिए और एक स्किल को जरूर सीखना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन आईसेक्ट के नेशनल प्लेसमेंट हैड उद्दीपन चटर्जी ने किया और उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि युवाओं को अपने हुनर पर ध्यान देना चाहिए और इंडस्ट्री की जरूरत के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए।
आईसेक्ट द्वारा आयोजित कौशल चर्चा में हिस्सा लेने के लिए आईसेक्ट के फेसबुक पेज से प्रतिभागी जुड़ सकते हैं। आगामी कौशल चर्चा का शैड्यूल इस प्रकार है – 19 जुलाई 21 – “फ्यूचर स्किल्स एंड द इम्पैक्ट ऑफ डिजीटल डिसरप्शन्स ऑन स्किल डेवलमेंट” विषय पर पैनल डिस्कशन और आईसेक्ट एलएमएस एक्सपीरियंस और सक्सेस स्टोरीज लॉन्च, 20 जुलाई 21 – “इनेबलिंग वूमन इम्पॉवरमेंट थ्रू स्किल्स” विषय पर पैनल डिस्कशन और वूमन
आंत्रप्रेन्योरशिप बुकलेट लॉन्च, 21 जुलाई 21 – “अप्रेंटिसशिप – द वे फॉरवर्ड फॉर इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड स्किलिंग ऑफ यूथ” विषय़ पर पैनल डिस्कशन, 22 जुलाई 21 – “चेजिंग लैंडस्केप ऑफ स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड फॉस्टेरिंग माइक्रो इंटरप्रेन्योरशिप फॉर लिवलीहुड इन इंडिया” विषय पर पैनल डिस्कशन, 23 जुलाई 21 – समापन कार्यक्रम में स्किल हीरोज के साथ इंट्रेक्शन और स्किल विनर्स द्वारा अपने अनुभवों को साझा किया जाएगा।

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