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ऑनलाईन ठगी के अंतर्राष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश
सायबर एवं उच्च तकनीकी अपराध थाना भोपाल में दिनांक 16 मई को भोपाल के युवा व्यवसायी द्वारा लिखित शिकायत दर्ज करायी गई थी उसके द्वारा वेब पेज http:/h20.gbull.shop/ पर आई डी क्रियेट कराकर मसालों में ट्रेडिंग के नाम पर मार्च 2021 से मई 2021 की अवधि में 05 बैंक खाते जो क्रमशः गुड़गांव, दिल्ली तथा राजकोट के फर्म के नाम चालू बैंक खाते थे, में लगभग एक करोड़ रूपये विभिन्न दिनांको में ट्रांजेक्शन के माध्यम से धोखाधड़ी पूर्वक जमा कराये गये थे। शिकायत के तथ्यों के अवलोकन से शिकायतकर्ता से धोखाधड़ी होना ज्ञात होने पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सायबर सेल योगेश चौधरी के दिशा निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक सायबर मुख्यालय डॉ. गुरकरन सिंह के मार्गदर्शन में तत्काल अपराध क्रमांक 81 / 21 धारा 420 भादवि तथा 66 डी आई टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध सायबर वैभव श्रीवास्तव के नेतृत्व में विशेष जाँच दल गठित कर प्रकरण विवेचना में लिया गया।
विवेचना में तत्काल कार्यवाही कर पांच संदिग्ध बैंक खातों को तथा किप्टो ट्रेडर्स के खातों को ब्लॉक कराया गया। जिसमें कुल 50,76,763 रुपये फीज कराई गयी। बैंको से प्राप्त जानकारी का अवलोकन करने पर पाया गया कि सभी बैंक खाते फर्मों के चालू बैंक खाते है जो जानबूझकर दैनिक ट्रांजेक्शन सीमा से अधिक की राशि का आहरण करने के उद्देश्य से बनाये गये थे। फर्मों की रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि मानक दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर फर्म निर्मित की गयी है। इन फर्मों का बैंक में चालू खाता खुलवाया गया तथा इन्हें संदिग्धों को धोखाधड़ी पूर्वक ऑनलाईन ठगी की राशि प्राप्त करने हस्तांतरित कर दिया गया था। इन सभी बैंक खातों में दो माह की अल्पावधि में लगभग तीस करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन होना पाया गया। राशि को जिन बैंक खातों में आगे ट्रांसफर किया गया था उनकी जानकारी प्राप्त की गयी जिससे ज्ञात हुआ कि अधिकतर राशि को देश से बाहर पाकिस्तान भेजने के लिये देश के क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडर्स को माध्यम बनाया गया। क्रिप्टो ट्रेडर्स से पूछताछ की गयी जिनके द्वारा बताया गया कि उन्होंने यह राशि वजीरएक्स व बिनांस नाम के क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर USDT (टीथर) नामक क्रिप्टो के ट्रेड के एवज में प्राप्त की है। इन क्रिप्टो ट्रांसेक्शन की जानकारी प्राप्त करने पर यह तथ्य सामने आया कि पाकिस्तानी नागरिक द्वारा जो कि Non Network Registered Whatsapp number पर भारतीय ट्रेडर्स को सम्पर्क कर यह ट्रेड किये जा रहे थे जिसकी भनक भारतीय क्रिप्टो ट्रेडर्स को भी नहीं थी। फरियादी से ट्रेडिंग हेतु संपर्क करने के लिये आरोपियों द्वारा जो ई मेल आई डी – win.in.lib.ex@gmail.com उपयोग की जा रही थी उसकी जानकारी गूगल से प्राप्त होने पर ज्ञात हुआ कि इसे राजकोट के आरोपी दिलीप पटेल, आरोपी विजय हरियानी तथा आरोपी विजय छुटलानी की फर्म विक्टेक प्रायवेट लिमिटेड के द्वारा निर्मित किया गया था। आरोपी दिलीप पटेल जिसने स्वयं के खाते में लगभग दो करोड़ की राशि प्राप्त कर इसे वजीरएक्स एक्सचेंज पर क्रिप्टो में ट्रांसफर किया है। आरोपी दिलीप को 18 जून को राजकोट, गुजरात से गिरफ्तार किया गया। गुड़गांव के चार्टर्ड एकाउंटेंड ऐविक केडिया निवासी गुडगांव को 30 जून को गिरफ्तार किया गया जिसने पांच फर्म में से दो को गुड़गांव में रजिस्टर कराया था और इनके बैंक खाते खुलवाकर इन्हें संदिग्ध चाईनीज नागरिक को उपयोग हेतु हस्तांतरित किया था। अन्य दो आरोपी श्रीमती डॉली मखीजा निवासी दिल्ली और उसके चचरे भाई विक्की मखीजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने स्वयं फर्म बनाकर फर्म तथा फर्म का चालू खाता संदिग्ध व्यक्ति को धोखाधड़ी की राशि हस्तांतरित करने हेतु दिया था। अपराध विवेचना में अभी और भी संदिग्ध चाईनीज नागरिक और अन्य की पहचान स्थापित कर गिरफ्तार किये जाने के प्रयास किये जा रहे है।
समान मोडस आपरेंडी से ठगी के अन्य दो मामले की शिकायत जाँच भोपाल तथा इंदौर जोनल कार्यालयों में की जा रही है। जिनमें शिकायतकर्ताओं से क्रमशः 45 तथा 25 लाख रूपये की ऑनलाईन घोखाधड़ी इसी वेब पेज और ईमेल आई डी के माध्यम से की गई है। विवेचना में फर्मों के खाते खोलने में बैंक अधिकारियों द्वारा गाईड लाईन के उल्लंघन कर उनकी अपराध में भूमिका की भी जाँच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सायबर भोपाल द्वारा फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रूपये ईनाम की उद्घोषणा की गई है।
आरोपियों से पुलिस ने 60 डिजीटल सिग्नेचर (DSCS)- शेल फर्म के निदेशकों के, तीन नग लेपटॉप, चार नग पैन ड्राईव, 101 नग मोबाईल फोन, क्रिप्टो ट्रेडिंग स्टेटमेन्ट, शेल फर्म से संबंधित दस्तावेज, शैल फर्म की सूची, विभिन्न लोगों के आधार कार्ड व पैन कार्ड, एक नग HDFC डेबिट कार्ड, चार नग HDFC और ICICI बैंक की चैक-बुक और अपराध से संबंधित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।




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