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कोरोना, महंगाई, बेरोजगारी से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी कर रही तमाशा: पीसी शर्मा
पूर्व मंत्री एवं विधायक पीसी शर्मा ने कहा है कि देश जिस समय कोरोना की महामारी, महंगाई की महामारी और बेरोजगारी की महामारी से जूझ रहा है, तब इस संकट से निपटने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की हो जाती है। लेकिन देश और प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकारें पूरी तरह गैरजिम्मेदारी से काम कर रही हैं। इन तीनों महामारियों से ध्यान भटकाने के लिए ही दिल्ली में कश्मीर के मुद्दे पर बैठक बुलाई गई है और भोपाल में भाजपा कार्यसमिति की बैठक हो रही है। जिस समय देश और प्रदेश प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर कोई रास्ता दिखाने को देख रहा है, तब इनकी पार्टी रोज कोई नया तमाशा करके जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
शर्मा ने कहा मध्य प्रदेश में चल रही भाजपा कार्य समिति की बैठक भी इसी तमाशे का हिस्सा है. इस तरह के कार्यक्रम विशुद्ध रूप से किसी पार्टी का आंतरिक मामला होते हैं, लेकिन एक नाकाम सरकार और नाकाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस कार्यक्रम को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री कमलनाथ की झूठी निंदा करने का माध्यम बना लिया। मीडिया से प्राप्त खबरों के मुताबिक श्री नड्डा ने विकासपुरुष कमलनाथ पर अनर्गल आरोप लगाए।
श्री नड्डा की मजबूरी को समझा जा सकता है, जनता ने श्री कमलनाथ के नेतृत्व में पांच साल के लिए मध्य प्रदेश में जनादेश की सरकार बनाई थी, लेकिन सत्ता और धन के मद में लोकतंत्र की रोज हत्या करने वाली भाजपा ने पैसे के दम पर जनादेश को धनादेश से खरीद लिया।
कमलनाथ सरकार ने डेढ़ साल में मध्य प्रदेश में 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया, प्रदेश के हर वर्ग को सौ रुपये में सौ यूनिट बिजली दी, वृद्धावस्था पेंशन को 300 रुपया से बढ़ाकर 600 रुपये किया, कन्या विवाह राशि को 27000 से बढ़ाकर 51000 रुपये किया, प्रदेश में हज़ारों गौशालाओं का निर्माण कराया, राम वन गमन पथ के लिए बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया। विकास की नई योजनाएं पेश कीं और विकसित मध्य प्रदेश का रोडमैप सामने रखा। जब कमलनाथ जी मध्य प्रदेश को भाजपा के 15 साल के कुशासन, भ्रष्टाचार और सरकारी लूट से आजाद कर रहे थे, माफिया पर नकेल कस रहे थे तो इससे भाजपा के नेताओं में खलबली मच गई. इन सबने षड़यंत्र करके विधायकों को खरीदा।
श्री शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले अपने गरेबां में झांकें और बताएं कि विधायक खरीदने के लिए जो 1000 करोड़ रुपये खर्च किए गए, वह काली कमाई से नहीं कमाया था तो और कहां से कमाया था. 15 साल के राज में भाजपा के नेताओं की संपत्ति में जो सैकड़ों गुना की वृद्धि हुई है, वह कौन सी कमाई है?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बताए कि आखिर क्या मजबूरी थी जो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह कोरोना से मृत व्यक्ति के परिजन को 4 लाख रुपये मुआवजा नहीं दे सकते. प्रदेश सरकार बताए कि घोषणा के बावजूद प्रदेश में कोरोना से मृत एक भी व्यक्ति को एक लाख रुपये का घोषित मुआवजा क्यों नहीं मिला है. अब तक कोरोना से मृत एक भी सरकारी कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति क्यों नहीं मिली है. कोरोना ड्यूटी करते हुए शहीद हो गए सरकारी कर्मचारियों को कोरोना योद्धा कहने के बावजूद उनके परिवार को कोई मुआवजा अब तक क्यों नहीं मिला?
उन्होंने कहा क्या नड्डा जी बताएंगे कि देश में डीजल और पेट्रोल 100 रुपये लीटर, सरसों के तेल की कीमत 200 रुपये लीटर होने, खाने की चीजों के दाम आसमान में पहुंचने के अलावा भाजपा सरकारों की कोई उपलब्धि है। जिस पार्टी के एक राष्ट्रीय अध्यक्ष कैमरे पर रंगे हाथों घूस लेते पकड़े गए हों, जिस पार्टी ने एक ऐसे व्यक्ति को गृह मंत्री बनाया हो जिसे कभी अदालत ने तड़ीपार किया था, गुजरात दंगों में जिस पार्टी के सबसे बड़े नेता की तुलना देश की बड़ी अदालत ने नीरो से की हो, उस पार्टी के अध्यक्ष को दूसरों पर उंगली उठाने का कोई अधिकार नहीं है.
बेहतर होता कि नड्डा जी अपनी पार्टी के नेताओं को सत्ता की रस्सकशी और लूट छोड़कर जनता की सेवा की सलाह देते. लेकिन वे ऐसा कर ही नहीं सकते, क्योंकि झूठ और लूट ही उनकी पार्टी का चाल, चेहरा और चरित्र है. बेहतर तो यही होता कि नड्डा जी अपने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को विकास के कमलनाथ मॉडल का अनुसरण करने की सलाह देते. नड्डा जी को पता ही होगा कि उनसे पहले बीजेपी अध्यक्ष और अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी विकास के कमलनाथ मॉडल की सार्वजनिक रूप से तारीफ कर चुके हैं.




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