575 लोगों ने पूर्वजों की याद में लगाए पौधे और 85 ने पौधारोपण कर मनाई जन्म दिन व शादी की सालगिरह

राजधानी की सबसे घनी आबादी और क्रांक्रीट के जंगल के बीच शहर को श्रीराम वन के रूप में ऑक्सीजन बैंक देने का प्रयास शनिवार से मूर्त रूप लेने लगा है। जिसका शुभारंभ शनिवार सुबह 10 बजे से छोला विश्राम घाट पर हुआ। श्री विश्राम घाट ट्रस्ट के साथ मिलकर यहां जापानी तकनीक मियावाकी से एक लाख वर्गफीट जगह में 35 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। रमेश शर्मा ( गुट्टू भैया) ने बताया कि पौधारोपण के पहले चरण में 6500 पौधे लगाने का काम शनिवार से शुरू हुआ। दो दिवसीय इस चरण के पहले दिन ट्रस्ट के सदस्यों के अलावा 700 लोगों ने पौधरोपण के लिए रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इनमें 575 लोगों ने पूर्वजों की याद में पौधे रोपे और 85 ने जन्म दिन व शादी की सालगिरह की खुशी में पौधारोपण किया।

रविवार को पहले चरण के पौधारोपण का अंतिम दिन रहेगा। इसलिए लोगों से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में आकर इस महा अभियान में शामिल हों और अपना योगदान दें। पौधारोपण सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक किया जा रहा है। इस बीच आप कभी भी विश्राम घाट पहुंचकर अपने पूर्वजों की याद में या जन्मदिन, मैरिज एनिवर्सरी जैसे खुशी के मौके पर भी पौधा लगा सकते हैं। ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश शर्मा और महामंत्री प्रमोद चुग (मोदी) ने बताया कि इसके बाद अगले चरण में शेष बचे 28500 पौधे लगाने का काम होगा। यह पहला अवसर है जब किसी विश्रामघाट पर इस तकनीक से पौधरोपण किए जाने की तैयारी चल रही है। इससे परिसर में आने वाले 3 सालों में एक डेंस फॉरेस्ट विकसित हो जाएगा और शहर को एक ऑक्सीजन बैंक मिलेगा। पौधारोपण के दौरान यहां 56 प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। पौधरोपण में अंतिम संस्कार के बाद एकत्रित राख का उपयोग खाद के रूप में किया जाएगा। यहां अंतिम संस्कार में गोकाष्ट का उपयोग होता है, जो पौधों के लिए लाभदायक होगा। कार्यक्रम में राम आस्था मिशन फाउंडेशन से तन्मय जैन और ट्रस्ट की ओर से उपाध्यक्ष त्रिभुवन दास मेहता व बंसीलाल जी, उपमंत्री नेमीचंद जैन, कोषाध्यक्ष टीआर मिश्रा, कार्यकारिणी सदस्यों में ट्रस्टी हेमंत अजमेरा, मुरली हरवानी, उ व ट्रस्ट के संरक्षक राम अवतार गुप्ता ,मैनेजर शोभराज सुख्वनी आदि मौजूद रहे।

मियावाकी तकनीक के फायदे
जापान के अकीरा मियावाकी द्वारा इजात की गई इस तकनीक में 2 फीट चौड़ी और 30 फीट पट्टी में 100 से भी अधिक पौधे रोपे जा सकते हैं। पौधे पास-पास लगने से मौसम की मार का असर नहीं पड़ता है। गर्मी के दिनों में भी पौधे के पत्ते हरे बने रहते हैं। पौधों की ग्रोथ दोगुनी गति से होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today