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कर्मचारियों व अधिकारियों ने की अभूतपूर्व हड़ताल, बंद रहे कार्यालय
भारतीय जीवन बीमा निगम के सभी अधिकारी तथा कर्मचारी संगठनो के संयुक्त मंच द्वारा केंद्र सरकार द्वारा अपने 2021 के बजट प्रस्तावों के माध्यम से एलआईसी के आईपीओ जारी कर इसे शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध करने, बीमा उद्योग में एफ़डीआई की सीमा को 49 से 74% बढ़ाने के एलआईसी अधिनियम में परिवर्तन करने के कदमों के खिलाफ तथा कर्मचारियों व अधिकारियों के लगभग 4 साल से लंबित वेतन समजौते के शीघ्र निराकरन की मांग पर आज इस देशव्यापी हड़ताल का आव्हान किया गया था था। आल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉईज़ एसोसिएशन, एलआईसी क्लास 1 ऑफिसर्स फेडरेशन, विकास अधिधारी महासंघ एनएफआईएफडब्ल्यूआई व एल आई सी एम्प्लॉईज़ फेडरेशन के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित यह हड़ताल मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भी शतप्रतिशत रही और एलआईसी कार्यालय पूर्णतः बंद रहे तथा कामकाज ठप्प रहा।
मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के सभी मंडलों एवं शाखा कार्यालयों में शतप्रतिशत हड़ताल रही तथा संयुक्त विरोध कार्यवाहियाँ संगठित की गई। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, सतना, शहडोल, बिलासपुर, जबलपुर तथा रायपुर मण्डल के 140 से भी अधिक शाखाओं में कामकाज पूर्णतः ठप्प रहा तथा दफ्तरों के ताले भी नहीं खुले। भोपाल व आस पास के शरो, सीहोर, शाजापुर, ब्यावरा, शुजालपुर, विदिशा, गंजबसौदा, रायसेन, बरेली, होशंगाबाद, इटारसी, हरदा, बैतूल, पाथाखेड़ा आदि के कार्यालय बंद पड़े रहे। प्राप्त खबरों के अनुसार प्रदेश में मंदसौर से उमरिया व मुरैना से परासिया तक के सभी कार्यालयों में कार्यरत 7500 से अधिक कर्मचारी व अधिकारी इस हड़ताल में शामिल हुए। सभी मण्डल कार्यालयों एवं शाखा कार्यालयों में सरकार के इन प्रस्तावों के विरोध में शानदार हड़ताली कार्यवाहियां आयोजित हुई, कई स्थानों पर रैलियाँ भी निकली गई




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