-
दुनिया
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
प्रतिष्ठित VIT ग्रुप के सीहोर कॉलेज में कुप्रबंधन से नाराज छात्रों का हंगामा, गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़…जांच कमेटी बनी
-
म.प्र. उर्दू अकादमी द्वारा “तलाष-ए-जौहर का आयोजन” सम्पन्न
मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति विभाग के द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत 14 मार्च, 2021 को तलाष-ए-जौहर कार्यक्रम का आयोजन मुल्ला रमूज़ी संस्कृति भवन, भोपाल में किया गया। यह आयोजन तीन सत्रों पर आधारित था। प्रथम सत्र में राज्य के विभिन्न शहरों से लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस सत्र में नये रचनाकारों को आज़ादी से संबंधित विषयों पर तात्कालिक लेखन के लिये कहा गया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों में उत्साह और देष के प्रति प्रेम की भावना देखने को मिली। प्रतिभागियों ने देष प्रेम से संबंधित लेख और कहानियाँ लिखीं। इन प्रतिभागियों में से निर्णायकों द्वारा तीन प्रतिभागियों को चयानित कर पुरस्कृत किया गया। प्रथम स्थान असद हाष्मी, सिरोंज द्वितीय अलताफ़ अंसारी, बुरहानपुर एवं तृतीय स्थान तनवीर रज़ा बरकाती, बुरहानपुर ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडल सुल्ताना हिजाब, नफ़ीसा सुल्ताना अना एवं उरूज अहमद पर आधारित था। इस सत्र का संचालन मुमताज़ खान ने किया।
दूसरा सत्र तीन बजे प्रारम्भ हुआ। जिसमें विषेषज्ञों के रूप में डाॅ0 ख़ालिद महमूद एवं डाॅ0 मोहम्मद नौमान खान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आरम्भ में अकादमी की निदेषक डाॅ0 नुसरत मेहदी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूप रेखा पर प्रकाष डालते हुए कहा कि तलाषे जौहर गद्य एवं फिक्षन के क्षेत्र में उभरते हुए रचनाकारों की खोज है। ऐसे रचनाकार जो लिख तो रहे हैं मगर जिन्हें कोई मंच या पहचान नहीं मिली, उनको तलाष-ए-जौहर के द्वारा मंज़रे आम पर लाना हमारा मकसद है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ0 खालिद महमूद ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी जारी रहना चाहिए। मध्यप्रदेष उर्दू अकादमी धन्यवाद की पात्र है कि उसके द्वारा नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दूसरे विषेषज्ञ डाॅ0 मो0 नौमान खान ने कहा कि आज के समय के युवा पुराने ज़माने के युवाओं के मुक़ाबले में ज़्यादा योग्यता वाले हैं। उन्हें यदि सही समय पर मार्गदर्षन और इस तरह के मंच प्राप्त हों तो उनके अंदर की योग्यता सब के सामने आयेगी। उन्होंने आज़ादी के महतव पर बोलते हुए कहा कि देेष की आज़ादी में सभी का समान योगदान है। सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रसिद्ध कहानीकार एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नईम कौसर और विषेषज्ञों द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। इस सत्र का संचालन रिज़वान उद्दीन फ़ारूक़ी ने किया।




Leave a Reply