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खजुराहो नृत्य समारोह का तीसरा दिन ओडिसी युगल नृत्य से शुरू हुआ
मंगलवार को 47वें खजुराहो नृत्य समारोह की शुरूआत विनोद केविन बच्चन एवं वृन्दा चड्ढ़ा के ओडिसी युगल नृत्य से शुरू हुई। मां जगदंबा और कंदरिया महादेव प्रांगण मंे आयोजित नृत्य समारोह की प्रस्तुति की अनुपम छटा देखते ही बनती है। मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति से खजुराहो नृत्य समारोह में उपस्थित दर्शक इसे निहार कर आनंदित और आत्मिक रूप से प्रफुल्लित हो रहे हैं।
चौथे दिन नृत्य की शुरुआत अर्धनारेश्वर नृत्य से हुई जिसमें शिव और शक्ति के रूप का वर्णन विभिन्न मुद्राओं में किया गया,इसके बाद राग भैरवी में पल्लवी नृत्य प्रस्तुत किया जिसमें छोटे पुष्प को खिलकर पूरे वातावरण को महकाने का संकेत दिया जाता है,इसके बाद तीसरी प्रस्तुति में दशावतार नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसमें दर्शाया गया कि जब जब धरती पर पाप बढ़ता है तो हरि विष्णु अवतार लेते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं
इसके बाद आज के कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति में नृत्यांगना अनिता शर्मा ने कृष्ण वंदना प्रस्तुत की इसके बाद चाली नृत्य प्रस्तुत किया,इसके बाद लीला पुरुषोत्तम की प्रस्तुति दी जिसमें भगवान राम की महिमा का मंचन हुआ जिसमें भगवान राम के धनुष तोड़ने का वर्णन किया गया,इसके बाद लीला गोविन्दम की प्रस्तुति में भगवान कृष्ण की बाल्य अवस्था का वर्णन किया गया।
आज की तीसरी प्रस्तुति में शिव स्तुति हुई,इसके बाद तीन ताल में रायगढ़ घराने बंदिशों पर नृत्य प्रस्तुत हुआ गई अंत में राजा चक्रधर द्वारा रचित विशेष ठुमरी प्रस्तुत हुई।




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