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मध्यप्रदेश और सिंगापुर के बीच चार क्षेत्रों में एमओयू
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सिंगापुर यात्रा प्रदेश के लिये बहुत सफल रही। इस दौरान जहाँ चौहान को प्रतिष्ठित ली कुआन यू एक्सचेंज फैलोशिप से सम्मानित किया गया, वहीं वे प्रदेश में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने में सफल रहे। इस मौके पर मप्र और सिंगापुर के बीच चार क्षेत्रों में मिलकर काम करने के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंगापुर यात्रा के तीसरे दिन वहाँ बिजनेस सेमीनार में शामिल हुए। इस दौरान परस्पर सहयोग देने के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इसमें शहरी नियोजन, कौशल विकास, क्लीन एनर्जी एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र शामिल है। मध्यप्रदेश के नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय तथा सिंगापुर कार्पोरेशन इन्टरप्राइज के बीच एमओयू हुआ। मध्यप्रदेश के तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग तथा सिंगापुर की आईटीई एजुकेशन सर्विसेज के बीच भी एम.ओ.यू. हुआ। मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा विभाग और सिंगापुर के सेम्बकार्प ग्रीन इन्फ्रा लिमिटेड के बीच भी करार हुआ। इसमें मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग में 1000 मेगावॉट का पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जायेगा। इसके अलावा एल टी फूडस लिमिटेड इंडिया और डीएसएम न्यूट्रीशन प्रोडक्ट्स, सिंगापुर के बीच भी एमओयू हुआ। इस एमओयू के तहत शहरी नियोजन, क्षमता निर्माण, कौशल प्रशिक्षण और खाद्य प्र-संस्करण संबंधी कार्य किये जायेंगे। साथ ही विभिन्न विकल्पों और प्रस्तावों का अध्ययन कर उन पर विचार किया जायेगा और प्रस्तावित उपक्रमों के कार्य को आगे बढ़ाया जायेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि मप्र में विकास का रोडमेप बनाकर कार्य किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम आये। प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से बाहर आया। मध्यप्रदेश अब देश में सबसे तेजी से प्रगति करने वाला प्रदेश बन गया है। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध संसाधन, निवेश की अपार संभावनाएँ और प्रदेश की अन्य खूबियाँ भी बतायीं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया एवं अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री 15 जनवरी को स्वदेश के लिये रवाना होंगे।




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