प्रवासी भारतीय कवि रामा तक्षक का कविता संग्रह लोकार्पित

रामा तक्षक उन प्रवासी भारतीयों में से है जिन्होंने हिंदी भाषा और भारतीयता का परचम विदेशों में फहरा रखा है। वे न सिर्फ लिखते हैं बल्कि विश्वभर में लेखकों को इकट्ठा भी करते हैंए संगोष्ठीयों का आयोजन करते हैं और हिंदी के पक्ष में एक सक्रिय वातावरण बनाए रखते हैं। वे नीदरलैंड्स में विश्व रंग अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के राष्ट्रीय निदेशक हैं। भारतीयता के प्रति उनके इस आग्रह के चलते ही इस पुस्तक का नाम “जब माँ कुछ कहती मैं चुप रह सुनता” रखा गया है।

हिंदी कविता में मां प्रेमए दया, करुणा और विशाल हृदयता के प्रतीक के रूप में सदियों से उपस्थित रही है। रामा तक्षक के यहां माँ का यह प्रतीक व्यापक मानवता के दायरे तक फैल जाता है जहां वे प्रकृति और समाज से लेकर इतिहास की अनेक छवियों के माध्यम से अपनी संवेदना का विस्तार करते चलते हैं। उनके पास छंद भी है और मुक्त छंद की कविताएं भी। उनके इस संग्रह को प्रवासी भारतीयों के प्रतिनिधि रचनाकार की रचनाओं के रूप में पढ़ा
जाना चाहिए।
नीदरलैंड्स में “विश्वरंग” के कंट्री डायरेक्टर रामा तक्षक के कविता संग्रह “जब माँ कुछ कहती मैं चुप रह सुनता” के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कवि कथाकार, विश्व रंग के स्वप्नदृष्टा रबीन्द्रनाथ टैगोर के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में व्यक्त किए।
इस अवसर पर श्री संतोष चौबे ने घोषणा करते हुए कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र, भाषा शिक्षण केन्द्र, अनुवाद केंद्र की स्थापना की गई है। उसी के अंतर्गत यह पहला भव्य समारोह आयोजित किया गया है। शीघ्र ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाओं एवं सेमिनारों का आयोजन कर प्रवासी साहित्य एवं साहित्यकारों के लिये रचनात्मक कार्य संपादित किए जायेंगे। इस अवसर पर नीदरलैंड्स से पधारी डॉ. मेरियन रिडर्स ने भारतीय अपनत्व पर बहुत ही सार्थक विचार व्यक्त किए।

विश्व रंग के अंतर्गत वनमाली सृजन पीठए प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र, मानविकी एवं भाषा संकाय, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं आईसेक्ट पब्लिकेशन के संयुक्त आयोजन में आईसेक्ट पब्लिकेशन द्वारा सुप्रसिद्ध रचनाकार रामा तक्षकए कंट्री डायरेक्टर, विश्व रंगए नीदरलैंड्स, के ताजा प्रकाशित कविता संग्रह “जब माँ कुछ कहती मैं चुप रह सुनता” का भव्य लोकार्पण समरोह एवं कविता पाठ आयोजन रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में दिनांक 19 जनवरी 2021 को दोपहर 3.00 बजे से आयोजित किया गया।

लोकार्पण समारोह वरिष्ठ कवि बलराम गुमास्ताएवरिष्ठ कवि श्री महेन्द्र गगनए गर्भनाल पत्रिका के संपादक आत्माराम शर्मा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक श्री विनय उपाध्याय ने कविता संग्रह एवं रामातक्षक जी के रचनाकर्म पर अपने रचनात्मक विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रह्मप्रकाश पेठियाए कुलसचिव डॉ. विजय सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे. स्वागत वक्तव्य डॉ. संगीता जोहरीए डीन, भाषा एवं मानविकी संकाय द्वारा दिया गया। समरोह का सफल संचालन कुणाल सिंह, युवा कथाकार एवं संपादक, आईसेक्ट पब्लिकेशन, भोपाल द्वारा किया गया। आभार वनमाली सृजन पीठ के संयोजक संजय सिंह राठौर द्वारा व्यक्त किया गया।

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