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संविधान में सबके दायित्व सुनिश्चित, टकराव न हो पर विचार आवश्यक: शर्मा
भारतीय संविधान में विधान पालिका, न्याय पालिका और कार्य पालिका के अधिकारों एवं दायित्वों को बहुत ही समग्रता के साथ सुस्पष्ट किया गया है। हम सभी से यही अपेक्षा रहती है कि हम पूर्ण निष्ठा, ईमादारी और अपनी क्षमता के साथ राष्ट्र की सेवा करें। सबके अपने अधिकार और दायित्व हैं, इस पर विचार आवश्यक है कि लोकतंत्र के इन स्तंभों के बीच टकराव की स्थिति निर्मित न हो सके।
मध्यप्रदेश विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने यह विचार गुरूवार को केवड़िया, गुजरात में आयोजित दो दिवसीय 80 वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में व्यक्त किए। लोकसभा सचिवालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में लोकसभा, राज्यसभा एवं देशभर की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी सहभागिता कर रहे हैं। सम्मलेन में मध्यप्रदेश विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष श्री रामेश्वर शर्मा और प्रमुख सचिव श्री ए.पी. सिंह प्रतिनिधत्व कर रहे हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यसत्र में सशक्त लोकतंत्र हेतु विधायिका, कार्यपालिका एवं न्याय पालिका का आदर्श समन्वय विषय पर चर्चा हुई। सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला उपस्थित थे।
इस विषय पर अपने विचार रखते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि संसद और विधानसभा के अधिकांश सदस्य किसी न किसी राजनीतिक दल के माध्यम से निर्वाचित होकर आते हैं। वे उस दल की विचारधारा से जुडे़ रहते हैं, किंतु निर्वाचित जनप्रतिनिधि को पद की शपथ लेने के बाद समभाव से जनता के कल्याण और राज्य के विकास के लिए ही कार्य करना चाहिए। इसी तरह कई बार यह भी दृष्टिगोचर होता है कि विधानपालिका, कार्यपालिका का संरक्षण करने लगती है। गुणदोष के आधार पर कार्यपालिका के कार्यों की समीक्षा करना चाहिए।
सामयिक अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि कई बार न्यायपालिका और विधायिका में टकराव की स्थिति निर्मित होती है। जब सभी के दायित्व सुनिश्चत है तो हम सभी को यह ध्यान रखना चाहिए कि टकराव पैदा न हो सके।
श्री शर्मा ने मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा कोरोना काल में वर्चुअल विधानसभा के आयोजन की अभिनव पहल से भी इस अवसर पर सदन को अवगत कराया। उन्होंने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश विधानसभा तेजी से ई-गर्वनेंस की ओर अग्रसर है।
71 वें संविधान दिवस पर केवड़िया में महामहिम राष्ट्रपति महोदय श्री राम नाथ कोविंद द्वारा सभी सभा सदों को संविधान के प्रति निष्ठा शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर सामयिक अध्यक्ष श्री रामेश्वर शर्मा एवं प्रमुख सचिव श्री ए.पी.सिंह ने भी केवड़िया में शपथ ग्रहण की। मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय में भी उसी दौरान दूरदर्शन के माध्यम से कार्यक्रम के प्रसारण पर विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों द्वारा शपथ का वाचन किया गया ।




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