-
दुनिया
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
विश्वरंग में गूंजा देशराग: वृन्दगान व नाट्य रूपक ‘अभ्यास’ की प्रस्तुति
टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र द्वारा इफ्तेख़ार क्रिकेट अकादेमी के सहयोग से आयोजित ‘विश्वरंग’ की सांस्कृतिक गतिविधियों का तीन दिवसीय उत्सव शुक्रवार को चरम पर पहुँचा। इस मौके पर टैगोर चित्रकला प्रदर्षनी एवं प्रतियोगिता के बहुरंगीय पोस्टर का लोकार्पण भी किया गया।
संगीत की सभा की शुरूआत सुरेन्द्र वानखेड़े के संयोजन में तैयार वृन्दगान से हुई। धर्मवीर भारती के लोकप्रिय नाटक ‘अंधायुग’ के सामूहिक नंदी पाठ ने सभा का मांगलिक उद्घोष किया। परंपरा की इस सुरीली दस्तक के बाद वतन परस्ती के नग्मों ने माहौल को शौर्य, पराक्रम और वीरता के ओजस्वी रंगों से सराबोर कर दिया। सुभद्रा कुमारी चैहान की यादगार कविता ‘वीरों का कैसा हो वसंत’ और शिवमंगलसिंह सुमन की रचना ‘तूफ़ानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार’ का कोरस जैसे ही ताल वाद्यों के साथ बढ़त लेता गूँजा, सभागार में मौजूद दर्शक-श्रोताओं के जेहन में हिन्दुस्तान की आज़ादी का जंग और देशभक्ति के जज़्बात कौंध उठे। वृन्दगान की समापन प्रस्तुति थी- ध्वज गान- ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा झंडा ऊँचा रहे हमारा’।
द राइज़िंग सोसाईटी ऑफ आर्ट एण्ड कल्चर ने ‘विश्वरंग’ के निमित्त नाट्य रूपक ‘अभ्यास’ का प्रयोग परिकल्पित किया। प्रतिभाशाली रंगकर्मियों गोदान और तानाजी ने इस बेहद अनूठी प्रस्तुति को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अभिनेत्री प्रीति झा तिवारी के मार्गदर्शन में तैयार किया है।‘अभ्यास’ दरअसल, नाटक के क़िरदारों के रचनात्मक अंतद्र्वन्द्व और बेचैनी को अभिव्यक्त करती कहानी है। कार्यक्रम में कलाकारों का स्वागत रबीन्द्रनाथ टैगोर विष्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चैबे, कुलपति डॉ. ब्रम्हप्रकाश पेठिया, सीआरजी के संयोजक प्रो. वी. के. वर्मा, आईसेक्ट की रजिस्ट्रार सुश्री पुष्पा असिवाल और कला संकाय की डीन डाॅ. ऊषा वैद्य ने किया। टैगोर विश्व कला केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने सभा का संचालन करते हुए ‘विश्वरंग 2020’ के सांस्कृतिक नवाचारों का ज़िक्र किया।
स्कोप महाविद्यालय में विश्वरंग के तहत पोस्ट कोविड-19 की दुनिया पर मंथन
स्कोप महाविद्यालय में विश्वरंग के तहत पोस्ट कोविड-19 की दुनिया पर मंथन भी हुआ। स्कोप महविद्यालय के सभागार में कार्यक्रम का विषय बड़ा ही सामयिक था “पोस्ट कोविड-19 – चुनौतियां,प्रभाव और अवसर”। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था की पीएनपी डायरेक्टर डॉ. मोनिका सिंह ने सभी उपस्थित जनों का स्वागत कर किया। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में स्कोप पब्लिक स्कूल की प्राचार्या डॉ. प्रकृति चतुर्वेदी, सेक्ट बी.एड कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नीलम सिंह, स्कोप कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के प्राचार्य डॉ. सतेन्द्र खरे तथा स्कोप ग्रुप ऑफ एजुकेशन के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. देवेन्द्र सिंह थे। सभी ने कोविड 19 से हुए नुकसान से ज्यादा इससे हुए फायदों के बारे में विस्तार से चर्चा की। तकनीकी बदलाव व इससे हुए लाभों को विस्तार में बताया कि किस तरह सभी ने अपनी कार्यशैली में तकनीक से कदमताल करते हुए सफलता के नए मुकाम हासिल किए हैं जो कि संस्था की प्रगति के साथ-साथ स्वयं की उन्नति का भी कारण बने। संस्था के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. देवेन्द्र सिंह ने बताया कि किस तरह से सभी ने कठिन परिस्थितियों में अपने घरों से तकनीकी का सहारा लेकर कार्य किया और सफलता पाई।




Leave a Reply