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लगता है कि शिवराज जी नफरत और विद्वेष की प्रतिमूर्ति बन गए: गुप्ता
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मी़डिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को पापी कहना निंदनीय और घृणास्पद है। ऐसा लगता है कि शिवराज जी नफरत और विद्वेष की प्रतिमूर्ति बन गए हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री के इस बयान को आपत्तिजनक करार दिया और कहा कि एक फिल्म गजनी का हीरो शिवराज जी की तरह ही विस्मरण का शिकार था इसलिए उसने जो बातें बोलता था उसे अपने पूरे शरीर पर लिख छोड़ा था। गुप्ता ने कहा कि शिवराज जी को अपनी कही बातों को याद रखने का उपाय ढूंढना चाहिये अन्यथा वह मध्य प्रदेश की राजनीतिक फिल्म के गजनी बन जाएंगे।
भूपेन्द्र ने शिवराज जी को स्मरण दिलाया कि उन्होंने कल सुवासरा में मध्यम वर्ग कल्याण आयोग बनाने की घोषणा की है। क्या उन्हें याद नहीं है कि यह घोषणा तो वे 2013 में कर चुके हैं ।तो पिछले सात साल से वे क्या कर रहे थे?
उन्होंने शिवराज से कहा कि कमलनाथ जी को वे 10 दिन में कर्जा माफ करने की घोषणा के लिए पापी बताते हैं। इस दृष्टिकोण से तो वे सुपर पापी हुए क्योंकि उनको तो अपनी घोषणायें तक याद नहीं है।
गुप्ता ने याद दिलाते हुए कहा कि शिवराज जी की सरकार ने 2013 में वादा किया था कि जो भी बच्चा कॉलेज में प्रवेश करेगा उसे उनकी सरकार फ्री स्मार्टफोन देगी ।शिवराज की सरकार के कार्यकाल में लगभग 25 लाख बच्चों ने कॉलेज में एडमिशन लिया था?शिवराज जी क्या आप बताएंगे कि आपने कितने स्मार्टफोन बांटे? कमलनाथजी जब 27 लाख किसानों की सूचियां जारी कर सकते हैं तो क्या आप 25लाख विद्यार्थियों की, की सूची जारी नहीं कर सकते,जिन्हें आप की सरकार ने स्मार्टफोन दिया है, ? क्योंकि आप यह भी जानते हैं कि झूठ बोलना भी महापाप है।
आपकी सरकार ने हर साल 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया था। आपने कितनी नौकरियां दी इन सात महीनों में? आपने कहा था कि आप हर बच्ची को 75% अंक लाने पर मुफ्त स्कूटी देंगे । क्या बताएंगे आपने इन सात महीनों में कितनी स्कूटी बांटी हैं?
दूसरे को पापी कहने के पहले अपने घर की तरफ तो देखिए जो कांच का भी नहीं कागज का बना है। थोथी घोषणाओं पर टिका है ।
शिवराज जी आप रोज झूठ बोलते हैं ।आज आपने फिर कहा है कि कमलनाथ जी ने फसल बीमा का पैसा नहीं दिया,हैरानी होती है कि आप सरकार रूपी संस्था का भी अनादर करते हैं,कृपया बजट पढ़िये और बताईये कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मद 8768 में 2019-20में 2200 करोड़ क्या आपने रखे थे?या कमलनाथ सरकार ने ? क्या यह सच नहीं है कि 657.27 करोड़ आपने किसान ऋण माफी योजना 5319 से पुनर्विनियोजन से निकाला है।आपकी सरकार झूठ पर टिकी है।कृपया बजट के अनुदानों की मागों की जो पुस्तिका स्वयं आपकी सरकार ने छापी है उसे पढ़ लें।
गुप्ता ने मुख्यमंत्री को स्मरण कराया है कि वह पढ़े लिखे दर्शन शास्त्र के विद्यार्थी रहे हैं और जिन शब्दों का अवसाद में वे आज प्रयोग कर रहे हैं वे शब्द ना केवल उनकी शिक्षा बल्कि उनके पद की प्रतिष्ठा को भी धूमिल कर रहे हैं। चुनाव में हार जीत चलती रहती है लेकिन जब आत्मा ही कोसने लगे, तब ठहरना ही उचित उपाय होता है। आशा है आप जिन शब्दों का प्रयोग कमलनाथ जी के लिए कर रहे हैं उन्हें आईने के सामने खड़ा होकर बोलेंगे इसी में प्रदेश का हित है और इसी में इस प्रदेश के मुख्यमंत्रित्व पद की प्रतिष्ठा है।




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