-
दुनिया
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
लता सिंह मुंशी, अरोही मुन्शी व रिया झा द्वारा ‘भरतनाट्यम’ की प्रस्तुति
कला विविधताओं के प्रदर्शन ‘गमक’ के पाँचवे दिवस पर, वरिष्ठ भरतनाट्यम नृत्यांगना डॉ. लता सिंह मुंशी, और उनकी शिष्य सुश्री अरोही मुन्शी एवं सुश्री रिया झा द्वारा ‘भरतनाट्यम’ की प्रस्तुति हुई|
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. लता सिंह मुंशी एवं उनकी शिष्याओं द्वारा भरतनाट्यम् नृत्य पद्धति की पारम्परिक रचना स्वर पल्लवी से हुई, राग- वलजी, ताल- आदि में भगवान श्री विष्णु की स्तुति की गई। इस प्रस्तुति में संगीत संयोजन- श्री तंजवूर आर. केसवन,गायन- श्री वासुदेवन आइयनगार, मृदंगम एवं नट्टुवांगम- श्री तंजवूर आर. केसवन, बाँसुरी- श्री रजत प्रसन्ना, वीणा- श्रीमती श्यामला भास्कर, वॉयलिन वादन – श्री राघवेंद्र प्रसाथ का है |
अगली प्रस्तुति बारहवीं शताब्दी में महाकवि जयदेव द्वारा रचित गीतगोविंद काव्य के इक्कीसवें प्रबंध से अष्टपदी की हुई, इसमें श्रीकृष्ण और राधा के संयोग शृंगार का वर्णन सखी के माध्यम से राग- मालिका, ताल- आदि में किया गया । इस प्रस्तुति में संगीत संयोजन, गायन एवं नट्टुवांगम- सुश्री सुधा रघुरमन,मृदंगम- श्री एम. वी. चन्द्रशेखर, बाँसुरी वादन- श्री रघुरमन गोविंदराजन ने किया है|
प्रस्तुति का समापन महाकवि जयदेव द्वारा रचित महाकाव्य गीतगोविंद से लिए गए भगवान विष्णु के 10 अवतारों (मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिम्ह, वामन,परशुराम, राम, बलराम, बुद्ध, कल्कि) के वर्णन से किया गया | इस प्रस्तुति में संगीत संयोजन, गायन एवं नट्टुवांगम- सुश्री सुधा रघुरमन, मृदंगम एवं अन्य ताल वाद्य- श्री तंजवूर आर. केसवन, बाँसुरी वादन- श्री रघुरमन गोविंदराजन का है| प्रस्तुतियों का संयोजन एवं निर्देशन- गुरु डॉ. लता सिंह मुन्शी ने किया।




Leave a Reply