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संविधान ने जनता वोट का जो अधिकार दिया, नोटों की ताकत से छीनीः कमल नाथ

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष कमलनाथ ने आज ग्वालियर में भाजपा पर हमले किये। उन्होंने सौदेबाजी की राजनीति को आड़े हाथों लिया और कहा कि मेरी सरकार वोटों से बनी थी और शिवराज की सरकार नोटों से बनी है। संविधान ने जनता के हाथ में वोटों का अधिकार दिया है उस अधिकार को छीन लिया गया और वह ताकत नोटों से खरीद ली गई।
कमलनाथ ने सिंधिया पर कटाक्ष किया कि ग्वालियर -चंबल की राजनीति व विकास में मैंने ज्यादा दखल नहीं दिया क्योंकि ये जिम्मेवारी किसी और ने उठा रखी थी ।उनसे पूछिये कि ग्वालियर पिछड़ा हुआ क्यों है?पर आप चिंता न करें अब ग्वालियर-चंबल का विकास मेरी प्राथमिकता रहेगी।हम सरकार में लौटेंगे तो ग्वालियर भी प्रदेश की पहचान बनेगा।
ऽमुझे इस बात का दुख है कि आज से 50 वर्ष पहले प्रदेश की पहचान ग्वालियर से होती थी ,कोई इंदौर-भोपाल-जबलपुर की बात नहीं करता था।पिछले कुछ वर्षों में ग्वालियर-चंबल उपेक्षित क्यों रहा ? बुनियादी सुविधाए तक ग्वालियर को नहीं मिली ? मुझे दुख होता है ग्वालियर की सड़कों को देखकर कितने फ्लाईओवर हैं? कितने उद्योग धंधे लगे? मुझे दुख होता है जब लोग यहां मुझे पत्र लिखते हैं हैरानी होती है जो साधारण अधिकार है जनता के, सुविधाएं हैं। वे भी उन्हें नहीं मिलती क्योंकि यहां कोई आवाज उठाने वाला नहीं । कोई उनके लिए बोलने वाले नहीं हैं। यहां के नेता आते हैं और भाषण देकर चले जाते हैं यह हालात बदलने पड़ेंगे ।इसका जिम्मेदार कौन है?
उन्होंने आगाह किया कि यह चुनाव प्रदेश के साथ ही ग्वालियर-चंबल के भविष्य का चुनाव भी है, मेरा प्रयास रहेगा कि हम ग्वालियर-चंबल में विकास का एक नया इतिहास बनाएं।
आप जानते है कि मालनपुर को लेकर कितनी बड़ी- बड़ी बातें हुई , लेकिन आज क्या हाल है ? जितने उद्योग लगे नहीं उससे ज्यादा बंद हो गए।मालनपुर को लेकर कितनी घोषणा हुई थी ,यह तस्वीर आपके सामने है।
श्री कमलनाथ ने स्पष्ट किया कि हमने अपनी 15 महीने की सरकार में अपनी नीति और नीयत का परिचय दिया।निवेशकों में विश्वास जगाया ,एक हजार गोशालायें बनाईं,बिजली का बिल सौ रुपये किया,बेटियों की शादी में 51हजार दिये ।26लाख किसानों का कर्जा माफ किया। मुझे शिवराज व भाजपा से सर्टिफिकेट नहीं चाहिये, जनता इसकी गवाह है। जो मुझसे 15 माह का हिसाब मांगते हैं, वे अपना 15 साल का हिसाब तो दें। मेरी खुली चुनौती है कि शिवराज आ जाएं इस मंच पर खड़े हो जाएं एक एक नाम पढ़ कर सुनाऊंगा और वह 15 साल के कामों का हिसाब दे दें। हम तो 15 महीने का हिसाब दे देंगे 15 साल का हिसाब कौन देगा? उन्होंने 15 साल का हिसाब नहीं दिया इसीलिए तो जनता ने घर बैठाया था।
कमलनाथ ने हमला करते हुए कहा कि हमने वोट से सरकार बनाई, उन्होंने नोट से। बाबा साहेब ने कभी सोचा नहीं होगा कि इस प्रकार की राजनीति अपने देश में होगी। सांसद-विधायक के निधन पर उपचुनाव का प्रावधान तो किया लेकिन सौदा हो जाएगा, बोली लग जाएगी और उपचुनाव होंगे, यह नहीं सोचा होगा कि भाजपा यह भी करेगी ?
आज भाजपा ने संविधान व प्रजातंत्र को ही दांव पर लगा दिया है।मै जनता से अपील करता हूं कि वो संविधान की रक्षा करें , अपने भविष्य की रक्षा करें।
शिवराज जी नारियल अपनी जेब में लेकर चलते है, जहां मौका मिलता है फोड़ देते हैं, घोषणा करने लग जाते हैं, कितनी घोषणाएँ शिवराज जी ने की 15 साल में, ग्वालियर-चंबल में कितनी घोषणाएँ की, कितनी आज तक पूरी हुई, इसकी सच्चाई जनता जानती है।पिछले 15 दिनों में एकाध हजार नारियल तो फोड़ ही दिये होंगे।
श्री कमलनाथ ने कहा कि हमारे कृषि क्षेत्र से ही आर्थिक गतिविधि चलती है, वही पैसा बाजार में आता है तो ग्वालियर जगमगाता है लेकिन आज कृषि क्षेत्र की क्या हालत है? मै पूछना चाहता हूं कि कृषि उत्पादन बढ़ा, क्या उसके अनुपात में मंडिया बढ़ी, खरीदी बढ़ी, परिवहन बढ़ा?शिवराज सरकार में प्रदेश किसानों की आत्महत्या में नं. 1, बेरोजगारी में नंबर वन, महिलाओं से अत्याचार में नं वन।यही 15 साल का रिपोर्ट कार्ड है।
श्री कमलनाथ ने हैरानी जाहिर करते हुए जनता से पूछा कि आपने कभी गुजरात-केरल-तमिलनाडु का मजदूर देखा है, मध्यप्रदेश को शिवराज ने सबसे ज्यादा मजदूरों के उत्पादन वाला प्रदेश बना डाला।15लाख यजदूर सर पर कफन बांधकर लौटे हैं।
ऽ प्रदेश में निवेश तब आता है जब विश्वास का माहौल हो।कितनी इन्वेस्टर्स समिट हुई, लाखों करोड़ों के निवेश के वादे किए गए, दावे किए गए, कहाँ गया निवेश? मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर किसी निवेशक को विश्वास नहीं है क्योंकि भाजपा सरकार में मध्य प्रदेश की पहचान माफिया से थी, मिलावट से थी, भ्रष्टाचार से थी।
ऽ मुझ पर आज तक कोई उंगली नहीं उठा सका, मेरा राजनीतिक जीवन बेदाग है।
ऽ हमने 26 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है।मै शिवराज जी को चुनौती देता हूं कि आमने- सामने बैठ जाये मैं आपको 26 लाख किसानों के नाम, उनके गांव का नाम, ऋण माफी की राशि का रेकोर्ड देने को तैयार हूँ।शिवराज जी झूठ की,कलाकारी की राजनीति बहुत हो गई , अब यह चलने वाली नहीं है।
श्री कमलनाथ ने कहा कि थोथी घोषणायें हो रहीं हैं। मोदी जी के 20 लाख करोड़ में से किसी को 20 रुपये भी मिले क्या? बताईये ..बीस रुपये भी नहीं मिले और दो लाख करोड़ बंट गये। ये मेरी सरकार में कोरोना को डरोना बताते थे, मुझे ज्योतिषी बताते थे। आज सबसे कम टेस्टिंग मध्यप्रदेश में हो रही है। आज स्थिति कितनी भयावह है। एक लाख मरीज हैं जिस मैने सरकार छोड़ी उस दिन केवल एक मरीज था।
ऽ जो कह रहे है कि उन्हें सीएम नहीं बनाया तो यह सभी जानते है कि विधायकों ने किसे अपना नेता चुना था और किसे मात्र 18 वोट मिले? कौन सौदागर है, किसने सौदा किया, यह भी सभी जानते है ? अब काग्रेस आजाद है वह जनता की कांग्रेस है, सारे बंधन टूट गये इसी आजादी का उत्साह हमारे कार्यकर्ताओं में है।
कमलनाथ का 2 दिन का ग्वालियर चंबल का दौरा कांग्रेश के कार्यकर्ताओं में जान फूंकने में सफल रहा भाजपा के दुष्प्रचार का चक्रव्यू भेजने में भी कामयाब रहा ग्वालियर में इसके पहले इतनी बड़ी रैली नहीं देखी गई कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह स्पष्ट संकेत कर रहा था की महल की जकड़न से छुटकारा मिलने की उसे कितनी खुशी है। इस दौरे से कमलनाथ ने यह संकेत भी दे दिए हैं की कांग्रेस ईंट का जवाब पत्थल से ही देगी और भाजपा को जमीन सुंघा देगी।
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