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स्थानीय परिवहन के नाम पर आने-जाने का दो-दो सौ रुपये शुल्क वसूला: भूपेंद्र
शिवराज सरकार जिसने कि सड़क पर उतरने की बात कहकर मध्य प्रदेश में सरकार खरीदी थी वह आज 65 करोड़ के विमान से नीचे उतरने को तैयार नहीं है। एक तरफ सरकार परीक्षार्थियों को नि:शुल्क परिवहन सुविधा देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के जिले में अन्य जिलों से नीट की परीक्षा देने आए बच्चों से स्थानीय परिवहन के नाम पर आने जाने का दो-दो सौ रुपये शुल्क बसूला गया। ऐसे आदेश स्वयं शिक्षा आयुक्त ने जारी कर मध्य प्रदेश के गरीब बच्चों की कमर तोड़ दी है।
मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय के ताज़ा तुगलकी फरमान के अनुसार मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली गरीब बच्चों को लूटने की मंशा साफ जाहिर होती है। सरकार न केवल इस निर्णय को वापस ले, बल्कि परीक्षार्थियों से बसूली गई राशि उन्हें लौटाये। अन्यथा बीजेपी को फिर से यूट्यूब पर लाखों डिसलाइक पीढ़ित भेजे जायेंगे, वही सरकार के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।
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