-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
अतिथि शिक्षकों ने मध्य प्रदेश सरकार का क्या बिगाड़ा: सज्जन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज अतिथि शिक्षकों के वेतन के मुद्दे पर शिवराज सरकार को आड़े हाथों लिया श्री वर्मा ने कहा कि क्या शिक्षक होना गुनाह है?
श्री वर्मा ने अपने ट्वीट के माध्यम से अतिथि शिक्षकों को वेतन नहीं दिए जाने के मुद्दे पर सरकार का घेराव करते हुए कहा कि जब अन्य कर्मचारियों को सैलरी दिया जा रहा है, तो अतिथि शिक्षकों ने मध्य प्रदेश सरकार का क्या बिगाड़ा है?? वर्मा ने कहा कि लंबे समय से अतिथि शिक्षक अपने वतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कोरोना जैसी भीषण महामारी के चलते पहले से ही प्रदेश में आर्थिक मंदी की स्थिति है ऐसे में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने वाले और देश को दिशा देने वाले शिक्षकों का क्या गुनाह है?शिवराज सरकार को तुरंत सभी अतिथि शिक्षकों का रुका हुआ वेतन तुरंत जारी करना चाहिए।
श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं ऐसे में राखी के अवसर पर अतिथि शिक्षक बहनों द्वारा उनसे वीडियो के माध्यम से अपील की गई कि रक्षाबंधन पर्व पर उनका रुका हुआ वेतन उन्हें दे दे। अपने आप को फर्जी भाई और मामा का खिताब देने वाले शिवराज को त्यौहार के मौके पर भी दया नहीं आई। उन्होंने कहा कि आगे लगातार संघर्ष कर रहे शिक्षकों कि यदि प्रदेश में यही स्थिति बनी रही तो हमारे प्रदेश में कोई शिक्षक बनने के लिए रुचि नहीं लेगा और प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिर जाएगा।
उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार से यह मांग की कि वह अतिशीघ्र इस मुद्दे पर निर्णय कर प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को तुरंत वेतन जारी करें।




Leave a Reply