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कांग्रेस ने कहा शिवराज सरकार कमल नाथ और उनके नजदीकी लोगों के करा रही फोन टेप
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी, पीसी शर्मा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने आरोप लगाया है कि शिवराज सरकार आउटसोर्स की सरकार है। साथ ही कांग्रेस नेताओं ने सरकार को अपहरण और खरीदी हुई सरकार भी कहा। वर्मा और पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कमल नाथ और उनके नजदीकी लोगों के फोन टेप करा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ये आरोप लगाए और कहा कि मध्यप्रदेश की जनता सरकार बनने के 100 दिन बाद भी मंत्रिमंडल का इंतजार कर रही है। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि 100 दिन की सरकार के बाद भी मंत्रिमंडल का ठीक से गठन तक नहीं हो सका है। यह सब भाजपा के अंदरूनी लड़ाई का नतीजा है। यहाँ तक कि प्रदेश को महामारी के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के लिए 30 दिनों का इंतजार करना पड़ा। मुख्यमंत्री को मंत्रिमंडल गठन का विशेषाधिकार होता है, फिर भी मुख्यमंत्री पूरे देश में बस्ता ले कर घूम रहे हैं उसके बाद भी वो मंत्रिमंडल की घोषणा नहीं कर पा रहे हैं । इसका मतलब है कि एक पंगु मुख्यमंत्री प्रदेश की कमान सम्हाल रहा है।
15 साल का तबादला माफिया लगा काम पर:-
इसके साथ ही एक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के 100 दिन के कार्यकाल में 70 प्रतिशत आईएएस और 50 प्रतिशत आईपीएस के ट्रांसफर किये गए हैं जो खुद में एक रिकार्ड है। कुल 227 आईएएस का ट्रांसफर किया गया है। इससे साफ है कि मुख्यमंत्री विचलित हैं और उनका सरकारी अधिकारियों पर से भरोसा पूरी तरह उठ गया है। जिन जिलों में कोरोना के कारण स्थिति गंभीर थी, वहां पर भी सरकार ट्रांसफर कर उद्योग चलाने में व्यस्त थी। यहाँ तक कि सरकार ने अनेक बार ट्रांसफर करके तुरंत कैंसिल भी किये जो बताता है कि सरकार के ट्रांसफर उद्योग को कोई पर्दे के पीछे से चला रहा है।
किसानों की दुर्दशा:-
जब मंदसौर में किसानों ने आंदोलन किया था तो उनकी गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी और 5000 किसानों पर मुकदमा लगा दिया गया था। आज शिवराज सरकार किसानों से फिर बदला लेने में लगी हुई है। कांग्रेस ने सरकार में आते ही किसानों की ऋणमाफी प्रारम्भ की लेकिन शिवराज ने सरकार आऊटसोर्स कर आते ही ऋण माफी बंद कर दी। यह किसानों से बदला नहीं तो और क्या है? आज तक किसानों की फसल के पैसों का भुगतान उनको नहीं किया गया है। पिछले 100 दिनों में बिजली के बिल 3 गुना तक बढ़ा दिये हैं यह साफ तौर पर किसानों से बदला लेना है।




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