बिजली बिलों में राहत संबंधी देयकों का वितरण शुरू

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ने कहा है कि कोविड-19 के संबंध में जारी विद्युत बिलों में दी गई राहत की पात्रता रखने वाले उपभोक्ताओं को देयक जारी होना शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा है कि पात्र उपभोक्ताओं को बिल जारी करने के पहले बिलों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें ताकि उपभोक्ताओं को राज्य शासन की मंशा अनुसार कोविड-19 से संबंधित विद्युत बिलों में राहत मिल सके।

उपभोक्ताओं की बिल संबंधी शिकायतों का निराकरण तत्काल किया जाए और इसके लिए जरूरत के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए स्थानीय स्तर पर उपभोक्ता शिकायत निवारण शिविर लगाए जा सकते हैं। भोपाल रीजन के अंतर्गत आठ जिलों में 45 विभिन्न स्थानों पर एटीपी मशीन उपभोक्ताओं की सेवा के लिए लगाई जा रही है, जिसमें उपभोक्ता नगद भुगतान कर सकते हैं। प्रबंध संचालक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निष्ठा एप के जरिए मीटर वाचन की मॉनीटरिंग करें और कॉर्पोरेट कार्यालय में भी मीटर वाचन मॉनीटरिंग सेल से समन्वय बनाए रखें। प्रबंध संचालक भोपाल रीजन वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से आठों जिलों की विद्युत बिलों के वितरण की समीक्षा कर रहे थे।

प्रबंध संचालक ने कहा कि कृषि उपभोक्ताओं के आधार नंबर एवं मोबाइल नंबर बिलिंग प्रणाली के साथ शत-प्रतिशत जोड़ें। इसके साथ ही घरेलू, गैर घरेलू एवं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के आधार एवं मोबाइल नंबर को जोड़ने को अभियान के तौर पर चलाया जाए। उपभोक्ताओं द्वारा एक जून से पहले दिए गए चैक यदि अस्वीकृत हो गए हैं, तो ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए और बिल की मांग राशि उनके बिलों में जोड़ी जाए। प्रबंध संचालक ने ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व वसूली एवं विद्युत सुधार के लिए ‘‘निष्ठा विद्युत मित्र योजना‘‘ का उल्लेख करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को समुचित मार्गदर्शन करें और उन्हें सही राह दिखायें, जिससे कि कंपनी के राजस्व में वृद्धि हो। बिजली चोरी की रोकथाम और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें तथा महिला स्व-सहायता समूह को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा सके।

प्रबंध संचालक ने खराब तथा जले मीटर तत्काल बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में खराब तथा जले मीटर बदलने के लिए पेन्डिंग नहीं होने चाहिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी गैर घरेलू तथा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के मीटरों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए। उन्होंने उपभोक्ता शिकायतों की प्रतिदिन मॉनीटरिंग करने के लिए मैदानी अधिकारियों से कहा ताकि उपभोक्ताओं की संतुष्टि में वृद्धि हो सके। प्रबंध संचालक ने मीटर रीडिंग चक्र और बिलिंग चक्र से सुधार की आवश्कता बताई ताकि उपभोक्ताओं को सही समय पर बिल मिल सके और कंपनी को सही समय पर राजस्व मिल सके। उन्होंने बकायादार उपभोक्ताओं से राजस्व प्राप्त करने के लिए राजस्व स्टाफ और लाइन स्टाफ को निरंतर सक्रिय बनाने पर बल दिया। प्रबंध संचालक ने कहा कि एग्रीकल्चर फीडरों में लोड पोटेन्शियल को देखते हुए पम्प कनेक्शनों की संख्या को बढ़ाने के लिए नए कनेक्शन दिए जाएं। मौजूदा पम्प कनेक्शनों के लोड को देखते हुए सही लोड का मापन (कनेक्टेड लोड) कर स्वीकृत किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व वसूली के लिए कॉमन सर्विस सेन्टर, एम.पी. ऑनलाइन और ऑनलाइन UPAY एप माध्यमों से उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया जाए ताकि राजस्व संग्रहण प्रभावी ढंग से हो सके।

प्रबंध संचालक ने विद्युत आपूर्ति की भी समीक्षा की और निर्देशित किया कि पात्रता वाले खराब तथा जले ट्रांसफार्मर 3-4 दिन के अंदर बदल दिए जाएं। ट्रांसफार्मर की असफलता दर 5 प्रतिशत तक सीमित की जाए और ट्रिपिंग (विद्युत अवरोध) की शिकायतें न्यूनतम होनी चाहिए। प्राकृतिक आपदा को छोड़कर ट्रिपिंग होती है, तो आपूर्ति की बहाली तत्परता से की जानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं की कंपनी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो। उन्होंने कहा कि जिन जूनियर इंजीनियर द्वारा ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना घोषित नहीं की है, उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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