आत्मनिर्भर भारत योजना को प्रदेश में लागू करें: CM

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बनाई गई आत्मनिर्भर भारत योजना को प्रदेश में तत्परता से लागू कर मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाए। मध्यप्रदेश में उद्योगों के क्षेत्र में तेज गति से विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। हमारा उद्देश्य प्रदेश के विकास के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देना तथा प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में आत्मनिर्भर भारत योजना के संबंध में उद्योग एवं संबंधित विभागों की बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी तथा अन्य संबंधित उपस्थित थे।

इंदौर, भोपाल इंडस्ट्रियल कॉरीडोर को विकसित करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इंदौर, भोपाल इंडस्ट्रियल कॉरीडोर को विकसित करने में पूरी ताकत लगाई जाए। प्रदेश में इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी विकसित की जाएं। औद्योगिक अधोसंरचना का अधिक से अधिक विकास किया जाए।

प्रदेश में 04 टैक्सटाइल पार्क प्रस्तावित

प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश में 04 टैक्सटाइल पार्क प्रस्तावित हैं। बुधीबरलाई इंदौर में 45 करोड़ की लागत से, अचारपुरा भोपाल में 49.08 करोड़ की लागत से, लहगादुआ छिंदवाड़ा में 34.24 करोड़ की लागत से तथा जावरा रतलाम में 41.18 करोड़ रूपए की लागत से टैक्सटाइल पार्क प्रस्तावित हैं। इसके अलावा मुहासा बाबई में 158 करोड़ रूपए की लागत से फार्मास्‍युटिकल पार्क प्रस्तावित है।

इंदौर, भोपाल, जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी बढ़ाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए यह आवश्यक है कि मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाई जाए। सबसे पहले इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कार्य करें। मुख्य सचिव श्री बैंस ने बताया कि अभी मध्यप्रदेश में हवाई जहाजों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्हें ठीक कराने के लिए बाहर भेजा जाता है। मध्यप्रदेश में ‘इंटीग्रेटेड एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस इंडस्ट्रियल पार्क’ बनाए जाने की दिशा में कार्य किया जाए।

मिनरल एवं गैस के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में मिनरल एवं गैस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं परंतु अभी तक उनका समुचित दोहन नहीं किया गया। इस संबंध में कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही की जाए। बताया गया कि मध्यप्रदेश में कोयला एवं बॉक्साइट के प्रचुर मात्रा में भंडार हैं। निवेशकों को इस क्षेत्र में आमंत्रित किया जा सकता है।

डिफेंस प्रोडक्शन की संभावना

बताया गया कि मध्यप्रदेश में डिफेंस प्रोडक्शन की काफी संभावना है। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसके लिए सर्वथा अनुकूल है, यहां पर पर्याप्त भूमि इसके लिए उपलब्ध है, भारत की सभी सीमाओं से मध्यप्रदेश की लगभग समान दूरी है तथा जबलपुर, कटनी एवं इटारसी में इसके लिए तैयार ईको सिस्टम है।

ऊर्जा क्षेत्र विकसित किया जाए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। ऊर्जा क्षेत्र में आने वाले निवेशकों के लिए राज्य में स्पेशल क्लीयरेंस सिस्टम भी बनाया जाए। बताया गया कि ‘वेनेडियम’ एक ऐसा तत्व है जो ऊर्जा को अधिक समय तक संग्रहित रख सकता है। ऊर्जा क्षेत्र में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

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