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भोपाल, इंदौर, उज्जैन को छोड़ अन्य जिलों में मदिरा-भांग दुकानों की 5 से नई व्यवस्था
राज्य शासन ने प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मदिरा एवं भांग दुकानों के संचालन की जोनवार वर्गीकृत जिलों में नई व्यवस्था 5 मई से लागू की है। नई व्यवस्था के मुताबिक प्रदेश में रेड जोन में आने वाले भोपाल, इंदौर एवं उज्जैन जिलों में मदिरा एवं भांग की समस्त दुकानें आगामी आदेश तक बंद रहेंगी। अन्य जिलों में नई व्यवस्था के तहत कोरोना लॉकडाउन के शारीरिक दूसरी मापदंड का पालन करते हुए दुकानों का संचालन होगा। वहीं, कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।
सरकारी फैसले के मुताबिक रेड जोन के अन्य जिलों जबलपुर, धार, बड़वानी, पूर्वी निमाड़(खण्डवा), देवास एवं ग्वालियर जिलों के मुख्यालय की शहरी क्षेत्रों की दुकानों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों की मदिरा एवं भांग की दुकानें संचालित की जाएंगी। ऑरेंज जोन के अंतर्गत आने वाले खरगौन, रायसेन, होशंगाबाद, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, सागर, शाजापुर, छिन्दवाड़ा, अलीराजपुर, टीकमगढ़, शहडोल, श्योपुर, डिण्डौरी, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, विदिशा, मुरैना एवं रीवा के कंटेनमेंट एरिया को छोड़कर शेष मदिरा एवं भांग दुकानें संचालित की जाएंगी। ग्रीन जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों की सभी मदिरा एवं भांग दुकानों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
दूसरी तरफ शराब दुकानें खोले जाने का कांग्रेस ने विरोध किया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व आबकारी मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर और पूर्व जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि लॉकडाउन समाप्त होने तक शराब दुकानों को बंद रखा जाना था। राठौर ने कहा है कि जब मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे बंद हैं तो शराब की दुकानें नहीं खोली जाएं। सरकार गरीब के लिए ठीक से राशन की व्यवस्था नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि 17 मई को लॉकडाउन समाप्त होने के बाद शारीरिक दूरी के मापदंड का पालन कराते हुए शराब की दुकानें खोली जाएं। पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार को मंदिरों के पुजारियों की चिंता नहीं है जो 40 दिन से परेशान हैं। शराब की दुकानों की चिंता नहीं है।




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