-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
मुख्यमंत्री दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पहुंचे, डीजीपी के साथ जौहरी भी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने नई दिल्ली में चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पहुंचकर शौर्य शिला पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान वहां मध्यप्रदेश पुलिस के महानिदेशक विजयकुमार सिंह के अलावा मप्र के कैडर के आईपीएस अधिकारी बीएसएफ के डीजी विवेक जौहरी की मौजूदगी से एकबार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की टुकड़ी ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पुलिस संग्रहालय, शौर्य गाथा खण्ड और मध्यप्रदेश पुलिस को समर्पित खण्ड का अवलोकन किया। संग्रहालय में मुख्यमंत्री ने आगन्तुक पुस्तिका में व्यक्तिगत विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि:-
”राष्ट्रीय पुलिस स्मारक को देखना एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण। इसमें पुलिस बल की महिमा और वीरता का बखूबी बखान किया गया है। यह स्मारक राष्ट्रीय पुलिस स्थापना के इतिहास और वीरता का परिचायक है।”
इस अवसर पर प्रदेश के पुलिस महानिर्देशक श्री वी.के. सिंह, बी.एस.एफ. के डी.जी. श्री विवेक जौहरी, मध्यप्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री मुकेश जैन सहित राज्य एवं केन्द्र सरकार के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
देश की राजधानी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र में बने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक परिसर में शौर्य शिला की स्थापना उन बलिदानी पुलिसकर्मियों के सम्मान में की गई है, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखण्डता और सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यहां स्थित संग्रहालय भी शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृतियां संजोने के लिए समर्पित है।
राष्ट्रीय पुलिस संग्रहालय में पुलिस प्रणाली के इतिहास और उसमें निरन्तर होने वाले विकास को प्रदर्शित किया गया है। इसी तरह, शौर्य गाथा खण्ड में उन 35 हजार 134 पुलिसकर्मियों के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने आजादी के बाद कर्तव्य पालन के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।




Leave a Reply