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सूफी गायन में पीर पराई जाणे रे..वंसत पंचमी बंदिशे में फूल रही सरसों..की प्रस्तुतियॉं
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा अयोजित ‘लोकरंग’ रवीन्द्र भवन परिसर, भोपाल में 26 जनवरी से आरंभ आज अंतिम संध्या अवसर पर सूफी गायन ख्यात सूफी गायक श्री ध्रुव सांगड़ी (दिल्ली) एवं साथी ने प्रस्तुत किया। सूफी गायन में पीर पराई जाणे रे….वंसत पंचमी बंदिशे (ख्याल) में फूल रही सरसों…., मन कुंतो मौला …,नित खैर मंगा.., सहित अन्य गायन प्रस्तुत किये गये। सूफी संस्कृति शांति, प्रेम, मानवता और सार्वभौमिकता का संदेश देती है।
लोकरंग गोण्डवानी में गोण्डों के कथा साक्ष्य के चित्र प्रदर्शनी में सुरेश कुमार धुर्वे द्वारा बनाये गये सात राजाओं जिसमें राजा पेमलशाह, राजा हिरदेशाह,राजा पालीविरवा,राजा लोहागुंड़ी,राजा हीराखान,राजा कुहीमांछा और राजा वायोडांडी की कहानियॉं चित्रों में सृजनित कर यह प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई। पाटनगढ़, डिंडौरी के सुरेश धुर्वे अपने स्व गुरू जनगढ़ श्याम से चित्रकारी 10 साल की उम्र से शुरू की।
डिंडौरी के कलाकार धरम सिंह वरकडे और जेहर सिंह तिलगांव ने प्रतिदिन वाना यंत्र ध्वनि और गायन से गोण्ड़ राजाओं की कहानी की प्रस्तुति दी।
लोकरंग पिट्टू में मिट्टी के खेल—खिलौनों एकाग्र प्रदर्शनी में बच्चों के खेल की विभिन्न गतिविधियॉं को दिखाया गया। शिल्पकारों द्वारा तैयार इन खिलौनों की प्रदर्शनी का आनंद बच्चों ले रहे हैं।
बच्चों की गतिविधयॉं ‘उल्लास’ में आज विषय आधारित किताबें, कठपुतली, लेखन, फिल्में ,खिलौनें तथा चित्रकारी में विभिन्न स्कूलों शासकीय प्राथमिकशाला नेवरी, लालघाटी, सेंटर गतिविधि केन्द्र चूनाभट्टी, शासकीय प्राथमिकशाला दामखेड़ा कोलार रोड़ एवं संस्थाओं के बच्चों ने स्पेन की फ्रेडीनैंड कार्टटून फिल्म हिन्दी में देखकर आनंदित हुए। सुनील और तनवीर के निर्देशन में बच्चों ने कागल से विभिन्न तरह खिलौने को तैयार किया। साथ ही कविता—कहानी सुनने—सुनाने, लिखने और चित्रों को बनाने की गतिविधयों,जादू और मिट्टी से खिलौने बनाने की गतिविधियॉं बच्चों ने प्रस्तुति की।




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