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कोई मदीने बुलाये मैं वारी जाउॅं…जैसी कई कव्वाली प्रस्तुत
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग द्वारा अयोजित ‘लोकरंग’ रवीन्द्र भवन परिसर, भोपाल में 26 जनवरी से आरंभ आज तीसरे दिन कार्यक्रम की शुरूआत देशराग के अंतर्गत कव्वाली गायन में नियाजी वद्रर्स एवं साथियों, रामपुर उत्तरप्रदेश द्वारा छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके…., कोई मदीने बुलाये मैं वारी जाउॅं…जैसी कई कव्वाली शहिद नियाजी के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया।
आदि शिल्पी नृत्य—नाटिका मिट्टी की विशेषता बताते हुए माटी,कहने को तो माटी है परन्तु सच्चाई इसकी यह है कि मिट्टी जीवन का आधार है जो न जाने कितने शिल्पों को रूप देती है,गृहस्थी आसान बनाती है,सौंदर्यचेतना जगाती है। मिट्टी को जिस रूप में ढाला जाता है यह उसी रूप में सृजित हो जाती है। इन्हीं भावों को समाहित कर कलात्मक अभिव्यक्ति देता है नृतय नाट्य आदि शिल्पी। जिसका निर्देशन चन्द्रमाधव बारीक,भोपाल ने किया। मंच पर सभी कलाकरों ने अपने कलात्मक अभिनय कौशल से लोंगों का मंत्र मुग्ध कर दिया।
‘धरोहर’ और ‘लोकराग’ के अंतर्गत जनजातीय एवं लोकनृत्यों के प्रदर्शन में गेडिया नृत्य में दशहरे पर अच्छी फसल की पैदावार होने पर यह नृत्य—गायन मनकुराम नेताम के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। सोंगी मुखौटा नृत्य नासिक,महाष्ट्र द्वारा प्रस्तुत किया गया यह नृत्य चैत्र पूर्णिमा पर सप्तश्रृंगारदेवी की पूजा के साथ यह नृत्य होली के त्यौहार पर किया जाता है इसमें नर्तक पुरूष कलाकार नरसिंह,कालभैरव,वेताल के मुखौटे पहन कर लय,ताल,के साथ जोशपूर्ण नृत्य किया जाता है। ढिमसा जनजातीय नृत्य आंध्रप्रदेश के अक्रू स्थान की महिलाऐं शादी और त्यौहारों के शुभअवसर पर भगवान को याद करते हुए इस नृत्य को प्रस्तुत करती हैं। के के एस.इन्द्रजा (विशाखापटनम) के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। ढोलू कुनीथा नृत्य भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यह नृत्य प्रस्तुत किया जाता है। कर्नाटक श्री हेमंथ मनजप्पा के निर्देशन में नृत्य की प्रस्तुति सरानीय रही। ‘बैगा जनजातीय गायन’ में दशहरा के समय से फसलों की पैदावार अच्छी हो जाने पर ईश्वर को आभार देते हुए नृत्य—गायन किया जाता है।
देशान्तर में आस्ट्रेलिया के नृत्यों में आस्ट्रेलियन वॉस डांस,मार्डन हॉका,इन सफारी,स्पेशल गलर्स की थीम पर नृत्यों को आस्ट्रेलिया की महिला नृत्यकों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
बच्चों के गतिविधयों उल्लास के अंतर्गत कठपुतली में आज गांधीजी के जीवन पर आधरित नाट्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद फिल्म रेड वैलून दिखाया गया। बच्चों ने बिना कागज को काटे कुर्सी,मेज कागज के खिलौने बनाये। विहान ग्रुप द्वारा कविता,कहानी की प्रस्तुति में सभी स्कूलों से आये बच्चों ने भाग लिया।




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