कमलनाथ सरकार माफियाओं पर कहर बन टूटीः पीसी शर्मा

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार को विरासत में गुण्डा और माफिया राज मिला था। वो मध्य प्रदेश, जो कभी देश की कला और संस्कृति की राजधानी माना जाता था, उसे 15 सालों की भाजपा राज की सरपरस्ती में अपराधों और माफिया के गढ़ में तब्दील कर दिया गया था। समूचे प्रदेश में माफियाओं पर कहर बनकर कमलनाथ सरकार टूट पड़ी है और उन्हें सलाखों के पीछे डाला गया है ।

माफिया बैखौफ होकर लोगों की जमीनों पर कब्ज़ा कर रहे थे, सहकारी समितियाँ संगठित माफियाओं के हवाले कर दी गई थीं, पत्रकारिता जैसे पवित्र उद्देष्यों की आड़ में महिलाओं की मजबूरियों का फायदा उठाकर ख्ुालेआम डांस बार चलाया जा रहा था, लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा था । ड्रग माफिया प्रदेष के नौनिहालों को नषे के गर्त में ढकेल रहे थे। मिलावट माफिया खाने में ज़हर मिला रहे थे, अवैध शराब और रेत माफिया प्रदेश के राजस्व पर डाका डाल रहे थे। लोगों को अपना व्यापार करने के लिये भी वसूली माफियाओं के आगे घुटने टेकने पड़ते थे। इतना ही नहीं, माफियाओं का आलम यह था कि इंसान तो इंसान, भगवान तक को नहीं छोड़ा गया। उनकी भूमि पर भी कब्ज़ा कर लिया गया था, जिसे हाल ही में मुक्त कराया गया।
मध्यप्रदेष के यशस्वी, संवेदनषील मुख्यमंत्री कमलनाथजी ने संकल्प लिया है कि प्रदेष के कोने-कोने से चुन-चुन कर माफियाओं का सफाया किया जाएगा और कानून का राज स्थापित किया जाएगा। प्राथमिक रूप से 11 प्रकार के माफियाओं को चिन्हित किया गया है, ड्रग माफिया, भू-माफिया, वसूली /फिरोती माफिया, शराब माफिया, मिलावट माफिया, चिटफण्ड माफिया, अवैध काॅलोनी माफिया, ब्लैकमेल माफिया, माइनिंग माफिया, ट्रान्सपोर्ट माफिया और सहकारी माफिया, जिनके खिलाफ समूचे प्रदेष में व्यापक रूप से कार्यवाही की जा रही है ।
अब तक की कार्यवाही में 615 भू-माफियाओं पर, 694 शराब माफिया, 150 मिलावट माफिया, 65 सहकारी माफिया, 149 वसूली माफिया तथा ट्रान्सपोर्ट माफियाओं के 1053 वाहनों पर कार्यवाही की गई है.
माइनिंग माफिया मुक्त मध्यप्रदेश:- 
समूचे प्रदेश में माइनिंग माफियाओं के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया जा रहा है। अवैध उत्खनन के 1330 मामले दर्ज किये गये हैं, अवैध परिवहन के 8294 और अवैध भण्डारण के 531, अर्थात् माफिया मुक्त अभियान के तहत 10155 कार्यवाहियाँ की गई हैं। साथ ही गौण खनिज के मामले में भी 1833 कार्यवाहियाँ की गई हैं, जिससे मध्यप्रदेश को 30 करोड 76 लाख रुपये राजस्व के रूप में प्राप्त हुए। इतना ही नहीं, 15 सालों की भाजपा सरकार ने अकेले रेत के अवैध उत्खनन में प्रदेश के खजाने से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की लूट की है क्योंकि 2018 तक रेत से जो वार्षिक राजस्व प्राप्त होता था वह लगभग 223 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष था । कमलनाथ सरकार ने रेत की इस लूट पर रोक लगाई और नई रेत नीति से अब प्रदेष को सालाना 1234 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। अर्थात् कल्पना की जा सकती है कि भाजपा राज में रेत माफियाओं ने राजनैतिक संरक्षण के चलते प्रदेश का कितना राजस्व लूटा है। 
शराब माफिया की खै़र नहीं:-
मध्यप्रदेश में बीते 15 वर्षों की भाजपा सरकार में षराब माफिया बहुत बड़े पैमाने पर फला-फूला है। मध्यप्रदेश में माफिया मुक्ति अभियान के तहत अब तक संगठित होकर अवैघ शराब का कारोबार करने वाले 694 माफियाओं को पकड़ा गया है, जिनसे 9 करोड़ रुपये से अधिक की मदिरा जब्त की गई है, साथ ही इन लोगों से 240 वाहन भी जब्त किये गये हैं। अवैध शराब बेचने वाले भी सैंकड़ों की संख्या में गिरफ्तार किये गये हैं और यह अभियान जारी है। 
सलाखों के पीछे मिलावट माफिया:-
समूचे प्रदेश में मिलावट माफियाओं के खिलाफ व्यापक कार्यवाही की गई । दूध एवं दूध उत्पादों एवं अन्य खाद्य पदार्थों/ पान मासाला सहित 11536 नमूने जाँच के लिये गये जिसमें अवमानक/ मिथ्याछाप/ अपद्रव्य के 1467 प्रकरण पाये गये, जिसमें 108 एफ.आई.आर. दर्ज की गई तथा 41 खाद्य कारोबारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत निरुद्ध किया गया।
मादक पदार्थ माफियाओं के चंगुल से मुक्त होंगे नौनिहाल:-
ड्रग माफिया अभियान के तहत कुल 4227 अवैध ड्रग माफियाओं को पकड़ा गया जिनके पास से 12.11 किलोग्राम स्मैक, 172.754 किलोग्राम अफीम एवं 53018 नग अफीम पौधा, 10189.73 किलोग्राम गांजा एवं 7949 नग गांजा पौधा, 6.154 किलोग्राम चरस, 39799 किलोग्राम डोडा चूरा, केमिकल ड्रग्स में 73123 सीरप षीषियाँ, 41925 टेबलेट्स, 196.920 लीटर एसिटिक एनहाइड्राईड, 3.300 किलोग्राम अल्ट्राझोलम पावडर जब्त किये गये ।
माफ नहीं किये जाएंगे सहकारी व भू-माफिया
मध्यप्रदेश में भाजपा राज में सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं पर माफियाओं ने कब्जा कर लिया था। वे प्रदेश के नागरिक, जो अपने आवास की आस लिये बैठे थे, उन्हें न्याय नहीं मिला। कमलनाथ सरकार ने तय किया कि सहकारी गृह निर्माण समितियों को माफियाओं से मुक्त कराएंगे । इसी के चलते प्रदेशभर की 90 सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं पर कमलनाथ सरकार ने षिकंजा कसा है और 65 से अधिक लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर. कराई गई है। प्रदेश के नागरिकों को राहत देने की शुरुआत इन्दौर से की जा रही है। इन्दौर में पहले चरण में लगभग 600 से 800 के बीच भूखण्ड गृह निर्माण संस्थाओं में चिन्हित किये गये हैं, जो नागरिकों को दिये जाएंगे और इसी प्रकार समूचे मध्यप्रदेश में नागरिकों को राहत प्रदान की जाएगी । साथ ही 615 ऐसे भू-माफियाओं पर भी कार्यवाही की गई है जो आम लोगों की ज़मीनों पर कब्जा कर लेते हैं, अवैध काॅलोनी काटते हैं, सरकारी भूमियों पर कब्जा करके उनके कूट रचित दस्तावेज बनाकर भोली-भाली जनता को बेच देते हैं। इन सभी पर कठोर कार्यवाही की गई है और सैकड़ों करोड़ की शासकीय भूमि को भी मुक्त कराया गया है। 
ट्रान्सपोर्ट माफिया की तोड़ेंगे कमर:-
प्रदेश में बीते 15 सालों में माफियाओं द्वारा अवैध वाहनों का संचालन, अवैध रूप से खनिजों का परिवहन और फायनेन्स कम्पनियों द्वारा अनाधिकृत यार्ड में लोगों के वाहनों को जबरदस्ती उठाकर छिपा लेना इत्यादि अपराध किये जा रहे थे । कमलनाथ सरकार ने इन्दौर, भोपाल, जबलपुर, सतना, सिंगरोली एवं ग्वालियर षहरों में फायनेन्स कम्पनियों द्वारा बनाये गये 18 अवैध यार्डों पर कार्यवाही की और लगभग 1745 वाहनों को वहाँ से जब्त किया तथा इन माफियाओं से राजस्व वसूला जा रहा है। 
रासुका में निरुद्ध हो रहे अवैध वसूली/ फिरौती माफिया
मध्यप्रदेश में संगठित होकर अपराधियों ने बड़े पैमाने पर प्रदेश की जनता से अवैध वसूली के कारोबार को अंजाम दे रखा था । भाजपा सरकार की सरपरस्ती में यह वसूली माफिया आम जनता और व्यापारियों का जीना दूभर किये हुए थे। व्यापारियों से प्रोटेक्षन मनी और हफ्ता वसूला जाता था। माफिया मुक्त अभियान के तहत समूचे प्रदेश में ऐसे वसूली माफियाओं को चिन्हित किया गया है। हर जिले में पुलिस द्वारा लोगों को सूचना दी जा रही है कि वे ऐसे अपराधियों की जानकारी पुलिस को दें। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जावेगा। प्रदेष में अब तक 149 ऐसे माफियाओं के खिलाफ रासुका और जिलाबदर की कार्यवाही की गई है और यह कार्यवाही सतत् जारी रहेगी।
माफिया मुक्ति का संकल्प 
मध्यप्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री कमलनाथजी ने माफिया मुक्त मध्यप्रदेश की शुरूआत इन्दौर शहर से की थी, जहाँ वर्षों से मीडिया संस्थान की आड़ में अवैध डांस बार और ब्लैकमेलिंग का कारोबार चलाया जा रहा था। न सिर्फ ब्लैकमेलिंग करने वालों पर शिकंजा कसा, अपितु 67 महिलाओं को इस माफिया के चंगुल से मुक्त भी कराया। इसी प्रकार इन्दौर में बड़े-बड़े माफियाओं के अवैध निर्माण रातों-रात ध्वस्त कर उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया गया। 
मन्दसौर में अन्तर्राष्ट्रीय फरार अफीम तस्कर मोहम्मद षफी और उसके भाई मोहम्मद अयूब के करोड़ों रुपयांे की आलीशान हवेलियों को ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही भगवान पशुपतिनाथ की 250 करोड़ रुपये की भूमि, जो इन दोनों ड्रग माफियाओं ने कब्जा कर रखी थी, उसे भी मुक्त कराकर पषुपतिनाथ मन्दिर ट्रस्ट को सौंप दी गई।
इसी प्रकार भोपाल में कई रेस्टाॅरेन्ट में अवैध रूप से शराब एवं नषीली दवाओं का सेवन करवाया जा रहा था। ऐसे 9 ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया गया। कई बड़े सूचीबद्ध माफियाओं के घरों को नेस्तनाबूत कर दिया गया । भोपाल जिले में 19 स्थानों पर माफियाओं ने 53.46 एकड़ शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया था, जिसे मुक्त कराया गया ।
इसी प्रकार जबलपुर में भी व्यापक रूप से माफियाओं पर कार्यवाही की गई । अवैध वसूली और फिरोती माफिया, जैसे राहुल कोरी, मंजू चक्रवर्ती, बल्लू केवट, अनिराज नायडू इत्यादि कई माफिया जिन पर 30 से 40 अपराध पंजीबद्ध हैं, उन्हें पकड़कर सलाखों के पीछे डाल दिया गया । इसी प्रकार ग्वालियर में भी भू-माफियाओं से 139 बीघा शासकीय भूमि, जो लगभग 500 करोड़ रुपये की है, को मुक्त कराया गया । इसी प्रकार समूचे मध्यप्रदेश में लगभग 15 सौ करोड़ की शासकीय भूमियों को माफियाओं से मुक्त कराया गया है । प्रदेश के हर जिले में अब माफिया मुक्ति अभियान के तहत प्रदेष के यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ जी दृढ़संकल्पित हैं कि मध्यप्रदेष की पावन भूमि को हर प्रकार के माफियाओं से मुक्त करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today