राज्य सरकार ने शुरू किया आम आदमी के सर्वांगीण विकास का सिलसिला

कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हर्ष यादव ने शनिवार को प्रभार के जिला रायसेन में संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। यादव ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार ने पिछले एक वर्ष में सभी वर्गो के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उनका तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने बताया कि लोगों का अपना घर का सपना साकार करने के लिये सरकार ने कलेक्टर गाईड लाईन में जमीन के दामों में 20 प्रतिशत की कमी की। आवास मिशन में प्रति परिवार दो लाख 50 हजार रूपये सहायता देना शुरू किया। भूमिहीनों को आवासीय पट्टे उपलब्ध कराए गये। इंदिरा गृह ज्योति योजना शुरू कर कमजोर वर्ग को हजारों रूपए के बिजली बिल से मुक्ति दिलाई गई। उन्होंने कहा कि कहा कि अब प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को 100 रूपए में 100 यूनिट बिजली मिल रही है। साथ ही, किसानों को 10 हार्स पॉवर तक के पम्पों के लिए आधी दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रभारी मंत्री श्री यादव ने मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले किसानों का दो लाख रूपए तक का फसल ऋण माफ किया। पहले चरण में 20 लाख से अधिक किसानों का फसल ऋण माफ किया गया। शेष पात्र किसानों का फसल ऋण माफ करने के लिए दूसरा चरण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए पांचवी और आठवीं कक्षा को पुनः बोर्ड परीक्षा में शामिल किया गया। प्रदेश के इतिहास में पहली बार 35 हजार से अधिक शिक्षकों का ऑनलाईन ट्रांसफर किया गया। 

मंत्री श्री यादव ने लोगों को बताया कि राज्य सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन तथा विधवा पेंशन योजना की राशि बढ़ाकर600 रूपए प्रतिमाह कर बुजुर्गों को राहत दी है। कन्या विवाह/निकाह योजना में सहायता राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रूपये की गई। महिलाओं और युवतियों को निःशुल्क ड्राईविंग लायसेंस देने का सिलसिला शुरू किया गया। युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर दिलाने के लिए प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत नौकरियाँ स्थानीय लोगों को देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हर्ष यादव ने बताया कि अब एक हेक्टेयर भूमि वाले एससी-एसटी वर्ग के किसानों को पांच हार्स पावर तक के कृषि पम्प के लिए निःशुल्क बिजली मिलने लगी है। आदिवासी परिवारों में बच्चे के जन्म पर 50 किलो और मृत्यु पर 100 किलो अनाज प्रति परिवार देने की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य जनता को पेयजल और स्वास्थ्य का कानूनी अधिकार देने वाला देश का पहला प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।

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