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व्यापमं घोटाले में पुरानी शिकायतों में निकला फर्जीवाड़ा, दो दिन में छह एफआईआर
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले में जिन शिकायतों को शुरुआती जांच एजेंसी एसटीएफ ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया था, आज सरकार बदलते ही जब उनमें विवेचना शुरू की गई तो दो दिन में छह एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें मुन्ना भाई से लेकर चिकित्सा शिक्षा-मे़डिकल कॉलेज के अधिकारियों-संचालकों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है।
एसटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक अवस्थी ने बताया है कि रीवा में किसी निजी अस्पताल में नौकरी कर रही पल्लव अमृतफाले औऱ ग्वालियर में किसी प्रायवेट हॉस्पिटल में काम कर रहा हितेष अलावा मुन्ना भाई के सहारे पीएमटी में कामयाब हुए थे। उनके खिलाफ कुछ साल पहले हुई शिकायतों के आधार अब साक्ष्य मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं देवाशीष नाम व्यक्ति ने पीएमटी में फर्जी मूल निवासी तैयार कर प्रवेश लिया था। इसके पूर्व एसटीएफ ने शुक्रवार को तीन एफआईआर दर्ज की थीं।




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