नाहडोरा महिला गोण्ड कलाकारों का चित्र शिविर में चित्रण

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में 7 दिवसीय ‘नाहडोरा’ महिला गोण्ड कलाकारों द्वारा चित्र शिविर में आज जनजातीय संस्कृति के विभिन्न विषयों के अंतर्गत श्रीमती पार्वती परस्ते द्वारा चित्रित ‘आदमी और मछली‘ की कहानीनुसार में किसान के पुत्र द्वारा खेत के समीप ‘साजा’ के पेड़ के पास रहने वाली मछली और किसान के पुत्र द्वारा उसे प्रतिदिन भोजन कराने और अंत में मछली का महिला रूप धारण होने पर पति—पत्नी का जीवन जीने पर चित्र चित्रण किया।

श्रीमती प्रेमाबाई द्वारा सभी त्यौहारों में से ऐक ‘छेता खिचहारी’ त्यौहार पर घर की महिलाओं द्वारा सूपड़े में अनाज की भिक्षा देने की परंपरा को दर्शाया। श्रीमती सुनैना टेकराम ने त्यौहारों के गीत केहुंआ के ड़ारीमहुआ लिपेट माया नाहि छूटे..गीत के तर्ज पर मनुष्य और जीव जन्तुओं के आपसी प्रेम और भाईचारे का चित्रण किया। श्रीमती संतोषी श्याम ने महुआ के पेड से भोर में नीचे गिरे उसके फल को कुछ स्त्रियों द्वारा एकत्रित करने और पक्षियों द्वारा चुगने के दृश्य को दर्शाया। श्रीमती छोटी टेकाम ने शादी समारोह की परंपरा के तहत पूज्य सरई का पेड़, बारात के आने परहिरन गीत और विदाई के समय फड़की पक्षी के शुभ गीतों से चलित परम्परा को चित्रकारी में दिखाया। श्रीमती इंदू मरावी ने शादी से पहले दूल्हे के तैयार होने की परंपरा को अपने चित्र में चित्रित किया। साथ ही अन्य महिला गोंड कलाकारों ने अलग—अलग विषयों पर आधारित चित्रों का सृजन किया। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today