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लोकायुक्त के पूर्व डीजी और पांच आईएएस के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस में एफआईआर
उज्जैन की हवाई पट्टी की लीज व रखरखाव के मामले में पांच आईएएस तथा एक आईपीएस अधिकारी सहित 16 लोगों के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें लोकायुक्त पुलिस के पूर्व डीजी अरुण गुर्टू तथा 2007 से 2016 के बीच उज्जैन कलेक्टर रहे शिवशेखर शुक्ला, अजातशत्रु श्रीवास्तव, डॉ. एम गीता, बीएम शर्मा व कवींद्र कियावत शामिल हैं।
इनके अलावा पीडब्ल्यूडी के तीन कार्यपालन यंत्री एसएस सलूजा, एके टूटेजा व जीएस पटेल तथा एक निजी एविएशन कंपनी यश एयरवेज जिसका नाम कुछ समय बाद सेंटरा एविएशन हो गया था के संचालक यश टोंग्या, भारत टोंग्या व दो अन्य शामिल हैं।
यश एयरवेज को राज्य शासन ने उज्जैन की हवाई पट्टी की 2006 में लीज दी थी जिसका रखरखाव भी उसे ही करना था। मगर एयरवेज ने पहले साल ही लीज जमा की लेकिन हवाई पट्टी का रखरखाव बिलकुल नहीं किया। इस एयरवेज के चेयरमेैन अरुण गुर्टू थे। कुछ साल बाद इस एयरवेज का नाम सेंटार एविएशन कर दिया गया लेकिन संचालक व काम करने वाले वही रहे। इस कंपनी द्वारा हवाई पट्टी का रखरखाव नहीं किया गया लेकिन 2013 में कलेक्टर बीएम शर्मा ने पीडब्ल्यूडी से उसकी मरम्मत करा दी लेकिन इसके खर्च की राशि कंपनी से नहीं वसूली। लोकायुक्त पुलिस में शिकायत होने पर इसमें अपराध के षड़यंत्र तथा भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा सात के तहत गुर्टू, व पाचं कलेक्टर, तीन इंजीनियरों और निजी एविएशन कंपनी के संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई है।




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