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कमलनाथ ने नागरिकों से अमन-चैन व साम्प्रदायिक सदभाव बनाने की अपील की
अयोध्या पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम सभी लोग मिल-जुलकर सम्मान के साथ आदर करते हैं। प्रदेश की जनता इस फैसले के बाद किसी भी विरोध , जश्न का हिस्सा न बने, यह अनुरोध मैं करता हूँ पहले भी मैं प्रदेश की जनता से यह अपील कर चुका हूँ।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि आपसी भाईचारा ,संयम ,अमन-चैन, शांति-सद्भाव सभी लोग बनाए रखें। यह प्रदेश हमारा है, कुछ भी हो हमारा प्रेम ,मोहब्बत, हमारा भाईचारा, हमारा आपसी सौहार्द न बिगड़े यह हम सभी की जिम्मेदारी है। सरकार के साथ नागरिकों की भी यह जिम्मेदारी है। मुझे पूरा विश्वास है हमारा प्रदेश पूरे देश में सुख-शांति और सद्भाव का एक फिर से उदाहरण बनेगा।
उन्होंने बताया कि मेरी गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर चर्चा हुई। उन्होंने मुझसे कहा कि राज्य सरकार को किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो केन्द्र सरकार सहयोग देने के लिए तैयार है। मैंने उनसे कहा कि राज्य सरकार के पुलिस और प्रशासन ने पूर्व से ही प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने की पूरी तैयारी की है। पूरे प्रदेश में शांति है। सरकार प्रदेश में शांति व्यव्यस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। पुलिस प्रशासन हर वर्ग और समाज के साथ चर्चा करके प्रबंध करेगी। प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सारे प्रबंध किए हैं।
कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने अपने दौरे कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। उन्होंने बताया आज मंडला-जबलपुर और कल मुझे इन्दौर जाना है मैंने अपने सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया हैं। अयोध्या में राम मंदिर का मामला सालों से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। यह कोई नया मामला नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाकर अपना दायित्वों का निर्वहन किया है। सर्व सम्मति का यह फैसला है , इसमें सभी जज ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया है। सभी दलों ने पूर्व में ही कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह स्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा कि वे पूर्व से ही यह मानते हैं कि धर्म को राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए। अगर धर्म को राजनैतिक मंच पर लाया जाता है तो यह गलत है।
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