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दिग्विजय सिंह अपनों के साथ भाजपा नेताओं से भी घिरे
कांग्रेस में मंत्रियों को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने फटकार लगाई तो मंत्री उमंग सिंगार ने पत्र लिखकर उन्हें सही स्थिति बताते हुए उऩके मंत्री पुत्र जयवर्धन सिंह को भी डांटने का आग्रह किया। मंत्री के पलटवार से दिग्विजय सिंह भौंचक्के रह गए क्योंकि मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस व कमलनाथ सरकार को समर्थन देने वाले विधायकों ने भी बोलना शुरू कर दिया। यह देखकर दिग्विजय सिंह ने अपने दोस्त मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ सुबह दो घंटे बैठक की। इसके बाद तैयार किया सिंगार को आभार पत्र और अपने खिलाफ भाजपा सहित कांग्रेस में पनप रहे विरोध के स्वरों पर पानी छिड़कने का प्रयास किया।
कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी अब कांग्रेस में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को जिस तरह से बाला बच्चन और उमंग सिंगार पर हमला बोला था, उससे दोनों मंत्री आहत हुए थे। बच्चन ने तो कमलनाथ के दोस्त होने के कारण दिग्विजय सिंह को फोन लगाकर स्थिति स्पष्ट कर दी थी और उसी शाम पत्रकार वार्ता बुलाकर विधानसभा की प्रश्नोत्तरी के लिखित जवाब पर स्थिति स्पष्ट कर दी थी। मगर उमंग सिंगार पूर्व मुख्यमंत्री के रवैये से इस कदर आहत हुए कि उन्होंने दिग्विजय सिंह को पत्र के माध्यम से जवाब दिया। पहले उन्होंने प्रश्नोत्तरी में लिखे गए जवाब को विस्तृत रूप से बताया और कहा कि कहीं भी इसमें गड़बड़ी नहीं होने का जिक्र नहीं है। साथ ही उन्होंने दिग्विजय के 3100 किलोमीटर नर्मदा किनारे चलने के तंज पर कहा कि वे तो पौधरोपण की जांच करा ही रहे हैं लेकिन सिंहस्थ घोटाले की करीब एक साल पहले जिस कांग्रेस विधायक ने जांच रिपोर्ट दी थी, उस पर जयवर्धन सिंह के नहीं मिलने की बात कही है, उनके इस जवाब पर दिग्विजय को डांट नहीं लगने के बारे में सवाल उठाया था।
उमंग सिंगार के पलटवार वाले पत्र के बाद कांग्रेस विधायकों तथा कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय व अन्य दलों के विधायकों ने भी मंत्रियों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। कुछ विधायकों ने तो मुख्यमंत्री पर भी आरोप लगाए और कहा कि उनके पास समय ही नहीं है। रामबाई और सुरेंद्र सिंह शेरा ने सीएम की घेराबंदी की है। वहीं पहली बार के अधिकांश कांग्रेस विधायकों ने मंत्रियों के रवैये को लेकर खुलकर बोलना शुरू कर दिया है। इससे सरकार विपक्ष के साथ अपनों से भी घिरती नजर आने लगी है।
विपक्ष के नोटिस से भी घिरे
अब विधानसभा के सदन के बाहर मंत्रियों के सवालों पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणी और मंत्रियों को फटकार लगाने के मामले में भाजपा ने सिंह को घेर लिय़ा है। दिग्विजय सिंह के खिलाफ डॉ. नरोत्तम मिश्रा, डॉ. सीतासरन शर्मा, विश्वास सारंग द्वारा विशेषाधिकार का नोटिस दे दिया है। इससे दिग्विजय सिंह बुरी तरह फंस गए हैं। हालांकि अभी विशेषाधिकार हनन की सूचना अभी स्वीकार नहीं की गई है।




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