मत्स्याखेट पारिश्रमिक बढ़कर देश में सर्वाधिक 30 रूपये प्रति किग्रा हुआ

प्रदेश के मछुआरों को एक अक्टूबर से बड़ी मछली के शिकार में मत्स्याखेट पारिश्रमिक 28 रूपये से बढ़कर 30 रूपये प्रति किलो और छोटी मछली में 17 रूपये से बढ़कर 18 रूपये प्रति किलो मिलने लगेगा। मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने आज मत्स्य महासंघ की वार्षिक साधारण सभा की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की। यह दर देश में मछुआरों को दी जाने वाली सर्वाधिक दर है। प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री अश्विनी राय और प्रबंध संचालक मत्स्य महासंघ श्री महेन्द्र सिंह धाकड़ सहित प्रदेश भर की मछुआ समितियों के प्रतिनिधि सभा में उपस्थित थे।

मंत्री श्री आर्य ने मछुआ समितियों से कहा कि मछली उत्पादन और अपनी आय में वृद्धि के लिए तालाब पर नजर रखें। उन्होंने मछुआरों से संबल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सरल बिजली बिल माफी योजना आदि का भरपूर लाभ लेने का आव्हान किया। श्री आर्य ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सरकार गरीब वर्ग के बड़े निजी खर्चों को वहन करने के लिये आगे आई है। उन्होंने बताया कि योजना में एक करोड़ 82 लाख से अधिक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का पंजीयन हो चुका है, जिन्हें आकस्मिक विपदा से लेकर बच्चों की उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता दी जा रही है।

श्री आर्य ने बताया कि वर्ष 2017-18 में मत्स्य महासंघ के जलाशयों से 7332.93 टन मत्स्य उत्पादन हुआ, जो राष्ट्रीय उत्पादकता 33 किलो प्रति हेक्टेयर से अधिक 36 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है। महासंघ के कुटनी जलाशय में 188 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर मछली प्राप्त हुई, जो संभवत: देश में सर्वाधिक है। श्री आर्य ने समिति के सदस्यों को मछुआ कल्याणकारी योजनाओं और गतिविधियों की उपलब्धियों की जानकारी दी।

प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र सिंह धाकड़ ने बताया कि वर्ष 2009-10 तक घाटे में रहने वाला मत्स्य महासंघ वर्ष 2011-12 से निरंतर मुनाफे में चल रहा है। इस वर्ष महासंघ द्वारा मछुआरों को 20 करोड़ 11 लाख मत्स्याखेट पारिश्रमिक का भुगतान किया गया। पहले मछुआरों को एक किलो पर एक रुपये बोनस दिया जाता था, जो बढ़कर अब 4 रुपये हो गया है। मत्स्य महासंघ की मदद से 90 प्रतिशत मछली प्रदेश के बाहर बिकने के लिये जाती है, जिससे मछुआरों को अच्छा बाजार मिल जाता है।

कर्मचारी संघ ने सातवाँ वेतनमान देने के लिये मंत्री श्री आर्य का वृह्दाकार पुष्पहार से सम्मान किया। पारिश्रमिक वृद्धि के लिये भी उपस्थित मछुआ समूह ने धन्यवाद देते हुए उत्साहपूर्वक कृतज्ञता प्रकट की।

सचिव मत्स्य महासंघ श्री के.एल. मांझी ने वर्ष 2019-20 के प्रस्तावित लक्ष्य की जानकारी दी। कार्यक्रम में वित्त, सहकारिता विभाग, नर्मदाघाटी विकास प्राधिकरण, वन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

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