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मनरेगा की मदद से कृषक गोविंद के खेतों में बना कूप और तालाब
मनरेगा योजना की मदद से पन्ना जिले की ग्राम पंचायत अहिरगवा के ग्राम उडकी के किसान गोविन्द मंडल के खेत में कूप और तालाब बन जाने से उनकी 5 एकड़ कृषि भूमि में अब 60 से 70 क्विंटल गेहूँ और 90 से 100 क्विंटल धान का उत्पादन हो रहा है। किसान गोविन्द मंडल के पिता स्व. पुण्यचरण मंडल वर्ष 1964 में बंग्लादेश से पन्ना आये थे। राज्य शासन ने उन्हें जीवन यापन के लिए 5 एकड़ जमीन दी थी, जिस पर उनका परिवार जैसे-तैसे सिंचाई की व्यवस्था कर बमुश्किल 15 से 20 क्विंटल गेहूँ और 30 से 40 क्विंटल धान का उत्पादन कर पाता था। इससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाता था। परिवार के सदस्यों को अपनी जरूरत पूरा करने के लिए मजदूरी भी करना पड़ती थी।
एक दिन किसान गोविंद मंडल ने ग्राम पंचायत में इस बात की चर्चा की। चर्चा के उपरांत गोविंद ने खेत में कपिलधारा योजना में कूप का निर्माण करवाया। अब खेती के लिए पर्याप्त पानी मिलने से कृषि उत्पादन बढ़ गया। उन्होंने अपने खेत में सब्जी की पैदावार लेना भी शुरू कर दी। इससे उन्हें 50 से 60 हजार रुपये प्रति वर्ष अतिरिक्त आमदनी होने लगी।
किसान गोविंद के खेत में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था होने पर कूप में बिजली की मोटर लगाने के लिये पैसा भी मंजूर हुआ। इससे खेत में सिंचाई में लगातार वृद्धि होने लगी। कूप निर्माण में सफलता मिलने के बाद इन्होंने मनरेगा में खेत तालाब का निर्माण भी करवाया। अब इनके खेत के तालाब में मछली पालन
का कार्य भी हो रहा है और इससे भी अच्छी आमदनी होने लगी है।
कृषक गोविंद मण्डल के परिवार की वार्षिक आय अब चार लाख रुपये सालाना से भी अधिक हो गई है। आजकल उनके खेत में दो-तीन मजदूरों को नियमित रोजगार मिल रहा है।




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