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12 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के साथ दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड
आपराधिक कानून संशोधन विधेयक, 2018 संसद में पारित हो गया है। राज्यसभा ने कल इसे ध्वनि-मत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पिछले महीने ही पास कर चुकी है। विधेयक पर बहस का उत्तर देते हुए गृह-राज्य मंत्री किरेन रिजिजु ने कहा कि 12 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के साथ दुष्कर्म के लिए न्यूनतम सज़ा का प्रावधान 20 वर्ष कर दिया गया है जिसे आजीवन कारावास या मौत की सज़ा तक बढ़ाया जा सकता है और सामूहिक दुष्कर्म के लिए जीवन-पर्यन्त कारावास या मौत की सज़ा दी जा सकेगी।
सोलह साल से जो नीचे है उसके खिलाफ अगर बलात्कार होता है तो उसके लिए सज़ा, पहले 10 साल हुआ करता था, अब उसको मिनिमम 20 साल किया गया है। पहले जो ट्रायल चलते थे रेप का, उसमें सिर्फ यह कहता था कि ऐज़ फॉर ऐज़ पॉसिबल विदइन टू मन्थ, अब इसको हमने मैन्डेटरी दो महीने का अंदर में यह सारा इन्वेस्टीगेशन प्रोसेस है, खत्म होना चाहिए। यह ट्रायल का भी डेडलाइन फिक्स किया गया है।




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