अब बिजली उत्पादन कारखानों को लाइसेंस फीस में मिलेगा बड़ा डिस्काउंट

मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में बिजली का उत्पादन करने वाले कारखानों को लाइसेंस फीस में छूट देने जा रही है। यह छूट उन्हें 4 से 10 वर्ष की लाइसेंस फीस एकमुश्त जमा करने पर 20 से 50 प्रतिशत तक मिलेगी। अभी हर साल कारखाने के लाइसेंस का नवीनीकरण करना होता है। इस संबंध में राज्य के श्रम विभाग के माध्यम से 56 साल पुराने मप्र कारखाना नियम 1962 में संशोधन का प्रारुप जारी कर दिया गया है जो आगामी 4 जुलाई के बाद प्रभावशील हो जाएंगे।नवीन संशोधन के अनुसार, यदि कोई बिजली उत्पादन कंपनी अपने कारखाना के लाइसेंस का नवीनीकरण हर साल न कर 4, 6, 8 या 10 वर्षों के लिए एक साथ कराता है तो उसे निर्धारित लाइसेंस फीस में क्रमश: 20, 30, 40 तथा 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। गौरतलब है कि मप्र कारखाना नियम 1962 की अनुसूची सी में बिजली उत्पादन करने वाले कारखानों का उनके द्वारा मेगावाट में उत्पादित बिजली और उसमें नियोजित कर्मचारियों के हिसाब से सालाना लाइसेंस फीस दी गई है।

इसमें बीस मेगावाट, 50 मेगावाट, 100 मेगावाट, 250 मेगावाट, 500 मेगावाट, एक हजार मेगावाट तथा एक हजार मेगावाट से ज्यादा उत्पादन की सारणी दी गई है। सारणी में 100, 250, 500, एक हजार एवं एक हजार से ज्यादा कर्मचारी नियोजित करने का भी उल्लेख है। इन नियोजित कर्मचारियों के हिसाब से सालाना फीस दर्शाई गई है। 1 जनवरी 2002 की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपए एवं अधिकतम 28 हजार रुपए लाइसेंस फीस है तथा इस तिथि के बाद हर तीन साल में इस लाइसेंस फीस में 30 प्रतिशत की वृध्दि किए जाने का भी प्रावधान किया गया है। अभी 2017 की स्थिति में सालाना लाइसेंस फीस है तथा अगली फीस में 30 प्रतिशत की वृध्दि वर्ष 2020 में होगी।

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