-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
कर्नाटक में बीजेपी को राज्यपाल ने सरकार बनाने बुलाया, गुरुवार को शपथ
कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद त्रिशंकु सरकार की आशंकाओं के चलते राज्यपाल वजुभाई ने बीजेपी के वीएस येदिरप्पा को सरकार बनाने का आमंत्रण दे दिया है। इस बीच कांग्रेस ने राजभवन को केंद्र सरकार के दबाव में फैसला लेने का आरोप लगाया है तो बीजेपी ने राज्यपाल के फैसले को संविधान के अनुकूल बताया है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के मंगलवार को आए परिणामों के बाद भाजपा को 104 सीटें मिलने और कांग्रेस को 78 व जेडीएस 38 सीटें मिलने के बाद से वहां सियासत गरमाई हुई थी। तीनों पार्टियां राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात करती रहीं। कांग्रेस ने अपने विधायकों को भाजपा विधायकों व नेताओं से दूर रखने के लिए रिसोर्ट में कमरे बुक कराकर ठहराया तो जेडीएस के कुमार स्वामी ने भाजपा पर विधायकों को 100-100 करोड़ व मंत्री पद का प्रलोभन देने के आरोप लगाए।
दिनभर राजनीतिक सरगर्मी रही और रात करीब नौ बजे राज्यपाल ने येदिरप्पा को सरकार बनाने के लिए बुलावे का पत्र भेजकर अटकलों को शांत कर दिया। उन्हें गुरुवार को शपथ लेने और 15 दिन में बहुमत सिद्ध करने का मौका दिया। मगर इसके बाद आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला चला। कांग्रेस की ओर से पी चिदंबरम ने राज्यपाल के फैसले को संविधान के विपरीत बताया और केंद्र सरकार व भाजपा नेताओं के दबाव में फैसला लेने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश में राष्ट्रपति शासन लगाने वाली कांग्रेस संविधान की बात नहीं करे। राज्यपाल ने जो भी फैसला लिया है वह संविधान के अनुकूल है।




Leave a Reply