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दूसरे दिन ही भारतीय बाजार संभला, चीन-जापान में गिरावट जारी
चीन में विनाशकारी मंदी के दौर में भारत का सेंसेक्स सोमवार के ऐतिहासिल गिरावट के बाद मंगलवार को संभल गया है। हालांकि मंगलवार को भी दिनभर सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव का दौर आता रहा लेकिन बंद होते-होते यह 290 की बढ़त में रहा। बिकवाली के कारण दिनभर सेंसेक्स अस्थिर स्वभाव में रहा।
भारतीय सेंसेक्स में सोमवार को जो ऐतिहासिक गिरावट आई थी, उससे आज बाजार में बिकवाली की काफी संभावना जताई जा रही थी लेकिन भारतीय बाजार में निवेशकों ने धैर्य का परिचय दिया है। इससे बाजार में आज गिरावट दिन में दो-तीन मर्तबा आई लेकिन वह गिरावट बहुत ज्यादा देर नहीं रही। बाजार के संभलने से निवेशकों ने सुकून की सांस ली है।
चीन-जापान में गिरावट जारी
सेंसेक्स ने 290.82 अंक की बढ़त लेते हुए क्लोजिंग की। मतलब 1.13 फीसदी तेजी में 26,032.38 पर बंद हुआ। निफ्टी 71.7 अंक यानी 0.92 फीसदी बढ़त लेकर 7,880.7 के स्तर पर रहा। वहीं चीन और जापान के बाजारों में गिरावट जारी रही।
दिन में 25298 तक पहुंचा सेंसेक्स
उल्लेखनीय है कि घरेलू बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के माहौल में सेंसेक्स दिनभर ऊपर नीचे होता रहा। इसके साथ ही सेंसेक्स ने 26,125 का और निफ्टी ने 7,925.40 का उच्चतम स्तर बनाया। यह क्रमश: 25,298.4 और 7,667.25 के निचले स्तर तक भी गए। दिन के निचले स्तरों से सेंसेक्स में 730 अंक और निफ्टी में 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी हुई।
साढ़े चार साल रक्षा खर्च के बराबर नुकसान
निवेशकों के सोमवार को सात लाख करोड़ डूब गए थे। यह मप्र सरकार की सात साल की आमदनी के बराबर की राशि है तो देश के साढ़े चार साल के रक्षा खर्च को इतनी राशि से पूरा किया जा सकता था। हालांकि हमारे बाजार की तुलना में चीन मेें साढ़े आठ फीसदी, हांगकांग में सवा पांच फीसदी, जापान में करीब पौने पांच फीसदी, फ्रांस में पांच फीसदी, जर्मनी में पौने पांच फीसदी और इंग्लैंड में साढ़े चार फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में भी जबरदस्त असर रहा।




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