नी‍ति आयोग के सदस्‍य डॉ. विनोद पॉल को विश्‍वस्‍तरीय सम्‍मान

नी‍ति आयोग के सदस्‍य डॉ. विनोद पॉल को विश्‍व स्‍वास्‍थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) ने प्रतिष्ठित इहसान डॉगरामाकी फैमि‍ली हेल्‍थ फाउंडेशन पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया है। यह सम्‍मान प्राप्‍त करने वाले वे पहले भारतीय हैं। परिवार स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए यह पुरस्‍कार प्रदान किया गया है। डब्‍ल्‍यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड ने 27 जनवरी को इस पुरस्‍कार की घोषणा की। यह पुरस्‍कार डॉ. पाल को मई, 2018 को जेनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित विश्‍व स्‍वास्‍थ्य सम्‍मेलन कार्यक्रम के दौरान दिया जाएगा। अंतिम रूप से चयनि‍त छह देशों- अल्‍जीरि‍या, चीन मलेशिया, मैक्सिको, रूस गणराज्‍य, उजबेकिस्‍तान- के प्रतिनिधियों में से डॉ. पॉल के नाम पर एकमत से सहमति दी गई। डब्‍ल्‍यूएचओ बोर्ड के प्रस्‍ताव ने डॉ. पॉल को अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एक प्रसिद्ध शोधकर्ता, चिकित्‍सक, शिक्षक और जन स्‍वास्‍थ्‍य के प्रबल समर्थक के रूप में स्‍वीकार किया है। उन्‍होंने परिवार स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में नवजात शिशुओं के स्‍वास्‍थ्‍य पर विशेष कार्य किया है। विशेषकर विकासशील देशों के परिवारों के स्‍वास्‍थ्‍य और कल्‍याण को बेहतर बनाने के लिए उनका विशिष्‍ट योगदान रहा है। डॉ. पॉल के प्रयासों से लंबे समय से उपेक्षित नवजात शिशुओं के स्‍वास्‍थ्‍य-मुद्दे को सहस्राब्‍दी विकास लक्ष्‍य (एमडीजी) और सतत पोषणीय विकास लक्ष्‍य (एसडीजी) के अंतर्गत लाया जा सका है। विश्‍व स्‍तर पर परिवार स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उपयोग में लाए जाने वाले महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेजों को उपलब्‍ध कराने के रूप में भी उनका अमूल्‍य योगदान रहा है। 2005-06 के दौरान मातृ, नवजात और बाल स्‍वास्‍थ्‍य को एक साथ जोड़ने में डॉ. पॉल की भूमिका महत्‍वपूर्ण रही है। उन्‍हें विश्‍व स्‍तर पर सार्वभौमिक स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए मानव संसाधन विषयों का विशेषज्ञ माना जाता है। महिलाओं, बच्‍चों और किशोरों के स्‍वास्‍थ्‍य विषय पर राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त पत्रिकाओं में उनके लेख प्रकाशित हुए है। बाल चिकित्‍सा पर लिखी उनकी पुस्‍तक भारत समेत कई अन्‍य देशों में चिकित्‍सा छात्रों के लिए मानक पाठ्य पुस्‍तक है। डॉ. पॉल जन स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम है। उन्‍होंने देश में राष्‍ट्रीय बाल स्‍वास्‍थ्‍य दिशा-निर्देशों और कार्यक्रमों को तैयार करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। नीति आयोग के सदस्‍य बनने से पहले डॉ. पॉल एम्‍स, नई दिल्‍ली में बाल चिकित्‍सा विभाग के प्रमुख थे।

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