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सीएम शिवराज को CBI की क्लीनचिट
मप्र व्यापमं घोटाले में CBI ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को क्लीनचिट दे दी है। मंगलवार को कोर्ट में CBI ने सीएम को क्लीनचिट दी है। CBI द्वारा दिग्विजय सिंह के आरोपों को गलत बताया गया।दिग्विजय सिंह ने नितिन महिंद्रा के कंप्यूटर से मिली हार्डडिस्क में टेंपरिंग किए जाने के आरोप लगाए थे। CBI ने हार्ड डिस्क की फोरेंसिक जांच कराई। जांच में पाया गया कि हार्डडिस्क में कोई भी छेड़छाड़ नहीं की गई। जिस हार्डडिस्क में टेंपरिंग का आरोप लगाया था वह 15 जुलाई 2013 को सील की गई थी। सीबीआई ने 2 पेन ड्राइव को गलत दस्तावेजों के आधार पर बनाने की भी बात कही है।
मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) राज्य में पीएमटी इंट्रेंस एग्जाम, इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम और सरकारी जॉब के लिए एग्जाम कराता है। व्यापमं घोटाला एमपी का सबसे बड़ा भर्ती घोटाला बताया जाता है। इसमें अभी तक कई बड़े नाम सामने आए, जिनमें कुछ लोग जेल में हैं। इस घोटाले में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में फर्जी एडमिशन किए गए।
सीबीआई ने जिन 490 लोगों को आरोपी बताया है, उनमें 3 व्यापमं के ऑफिसर्स, रैकेट के 3 सदस्य, 17 ब्रोकर, 297 सॉल्वर और 170 बच्चों के अभिभावक हैं।
बीजेपी मनाएगी जश्न
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नन्दकुमार सिंह चौहान ने कहा है कि इस मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का जो घिनौना कृत्य किया गया है, उसके लिए हम किसी को छोड़ने वाले नहीं है। हम कानून विदों से राय लेकर दिग्विजय सिंह के विरूद्व मानहानी सहित समुचित कानूनी कार्यवाही करेंगे। चौहान ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे क्लीन चिट दिेए जाने का जश्न पूरे एमपी में जोरदार तरीके से मनाए। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने सीएम को क्लीनचिट के मामले में कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है।




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