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भोपाल नगर निगम पर हाईकोर्ट ने लगाया 20 करोड़ का अर्थदंड
भोपाल, अवैध रूप से बने मानसरोवर कॉम्पलेक्स मामले में आज जबलपुर उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए भोपाल नगर निगम व मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम के खिलाफ 20 करोड़ रूपए का अर्थ दंड लगया है। कंज्यूमर एंड हूमन राईट प्रोटेक्शन समिति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अजय मिश्रा ने बताया कि अरेरा कॉलोनी स्थित मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम की भूमि पर अवैध रूप से कमर्शियल मानसरोवर कॉम्पलेक्स का निर्माण किया गया है। जबकि ग्रामीण एवं नगर निवेश विभाग द्वारा जारी अनुमति में कहा गया था कि कॉम्पलेक्स के सामने 4.5 मीटर खुला क्षेत्र व 4.5 मीटर का पार्किंग स्थल छोडऩा होगा,इसके बाद भी बिल्डर ने अवैध रूप से निर्माण कर लिया। इसके विरूद्ध कंज्यूमर एंड हूमन राईट प्रोटेक्शन समिति के अध्यक्ष सतीश नायक ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए आज उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और विजय शुक्ला की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा था,इसके अलावा निगम की ओर से महाप्रबंधक ने अपना पक्ष रखा। नगर निगम कमिशनर छवि भारद्वाज ने कहा कि यदि बिल्डर द्वारा समझौता किया जाता है तो उन्हें 3 करोड़ 80 लाख रूपए का जुर्माना भरना होगा। इस पर अधिवक्ता अजय मिश्रा ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों भी गलत तरीके से अनुमति दी इसलिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए। इस पर न्यायालय ने नगर निगम और राज्य परिवहन निगम के खिलाफ 20 करोड़ रूपए का जुर्माना किया है,मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी। साथ ही कोर्ट ने कहा कि नगर निगम और परिवहन निगम दोनों मिलकर यह तय करके बता दें कि उन्हें क्या करना है। कोर्ट ने कहा कि 20 करोड़ की राशि जमा कराई जाए ताकि दूसरे स्थान पर पार्किंग का निर्माण कराया जा सके।




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