-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केन्द्र को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आज यहां हुई बैठक में वाराणसी में राष्ट्रीय बीज अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र (एनएसआरटीसी) परिसर में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई) का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केन्द्र (अाईएसएआरसी)स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई ।इसके तहत वाराणसी में चावल में मूल्य संवर्द्धन के लिए एक उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किये जाने का प्रस्ताव है। इसमें एक आधुनिक प्रयोगशाला भी होगी जिसमें चावल और पुआल में भारी घातुओं की गुणवत्ता और स्तर का पता लगाने की क्षमता होगी । यह केन्द्र चावल के विभिन्न उत्पादों की श्रृंखला को सशक्त बनाने के लिए हितधारकों के क्षमता विकास केन्द्र के रूप में भी कार्य करेगा।पूर्वी भारत में यह पहला अंतरराष्ट्रीय केन्द्र होगा जो इस क्षेत्र में सतत चावल उत्पादन और कौशल विकास के क्षेत्र में वरदान साबित होगा। इसके साथ ही दक्षिण एशिया और अफ्रीकी देशों के लिए भी यह खाद्यान उत्पादन और कौशल विकास के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा।केन्द्र के लाभ यह केन्द्र भारत की समृद्ध जैव विविधता का इस्तेमाल कर चावल की उन्नत किस्में विकसित करने में मददगार होगा। करेगा। यह देश में प्रति हेक्टेयर अधिक उपज प्राप्त करने के साथ ही उनमें पोषक तत्वों में वृद्धि में भी सहायक बनेगा। इससे देश के खाद्य एंवम पौष्टिक सुरक्षा के मुद्दों




Leave a Reply