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किसानों को अपनी उपज सीधे बेचने की सुविधा के लिये प्रदेश में बनेंगे आदर्श किसान बाजार
किसानों को अपनी उपज सीधे बेचने की सुविधा देने के लिये प्रदेश में आदर्श किसान बाजार बनाये जायेंगे। किसानों तक फसलों के सम्बन्ध में सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुँचाने के लिये विलेज नॉलेज सेंटर बनाये जायेंगे। बिना किसान की सहमति के लिये विकास परियोजनाओं की भूमि नहीं ली जा सके, इसके लिये कानून में संशोधन किया जायेगा। ये जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गत 11 जून को की गयी किसान हितैषी घोषणाओं की समीक्षा के लिये ली गई बैठकमें दी गई। इन घोषणाओं पर क्रियान्वयन भी शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि किसानों हित के लिये की गयी घोषणाओं का क्रियान्वयन तेजी से करें। संबंधित आदेश तुरंत जारी करें। सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में इनकी समीक्षा करें। एक सप्ताह बाद वे पुन: समीक्षा करेंगे। प्याज खरीदी की व्यवस्थाओं की लगातार मॉनीटरिंग करें।
बताया गया कि सभी नगरीय निकायों और विकासखंड मुख्यालयों में किसान बाजार बनाये जायेंगे। इन बाजारों में किसान खुद फल, सब्जी जैसी अपनी उपजें बेच सकेंगे। नगरीय निकायों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण विकास विभाग किसान बाजार बनायेंगे। जिन मण्डियों में नीलामी नहीं हो रही है वहाँ पर भी किसान फल, सब्जी जैसी अपनी उपज बेच सकेंगे। इन बाजारों का संचालन सहकारी समिति करेगी। विकासखंड स्तर से ग्राम स्तर तक किसानों को फसलों के संबंध में सही जानकारी और वैज्ञानिक सूचनाएँ पहुँचाने के लिये विलेज नॉलेज सेंटर बनाये जायेंगे। इसकी तैयारी कृषि विभाग द्वारा की जा रही है। इन सेंटरों के माध्यम से किसानों को मौसम की जानकारी, फसलों की संभावनाओं और भूमि के उपयोग के बारे में जानकारी दी जायेगी।
बताया गया कि एक हजार करोड़ के मूल्य स्थिरीकरण कोष की रूपरेखा तैयार कर ली गयी है। इसके आदेश जारी हो गये हैं। इसके माध्यम से जिन उपजों के समर्थन मूल्य केन्द्र सरकार द्वारा घोषित नहीं किये जाते, उन उपजों का मूल्य निर्धारण किया जायेगा। इस मूल्य से कम मूल्य होने पर किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई की जायेगी। कृषि उत्पाद लागत एवं विपणन आयोग के गठन की तैयारियाँ कर ली गयी हैं। इसके माध्यम से फसलों की कृषि लागत तय की जायेगी। यह आयोग छह सदस्यीय रहेगा।




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