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मृतकों के परिजनों से मिले राहुल गांधी
मध्यप्रदेश की सीमा में घुसने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नीमच पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में ले लिया।हालांकि कुछ देर की मशक्कत के बाद राहुल गांधी को जमानत दे दी गई । इसके बाद वे उदयपुर रवाना हो गए।
राहुल बाद में किसानों के परिजनों से मिले। नीमच की सीमा से 18 किलोमीटर दूर राजस्थान में राहुल गांधी को मृतक के परिजनों से मिलाया गया। राहुल ने उन्हें हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। प्रशासन से अनुमति के बाद राहुल को परिजनों से मिलने दिया गया।यह मुलाकात ग्राम डिनवा में हुई। उन्होंने किसानों से कहा आप अपनी दिक्कत बताइये हम अापकी मदद करने के लिए तैयार हैं।
राहुल गांधी इससे पहले बाइक से मंदसौर जाने की कोशिश कर रहे थे और पुलिस को चकमा देकर 2 किमी अंदर तक आ गए थे। जेल वाहन से उन्हें विक्रम गेस्ट हाउस में बनाई गए अस्थाई जेल ले जाया गया। इनके साथ कमलनाथ, सचिन पायलट, दिग्विजय सिंह और शरद यादव को भी हिरासत में लिया । इस दौरान राहुल की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। उनके साथ मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा रोके जाने का विरोध किया।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि मैं सिर्फ किसानों के परिवारों से मिलना चाहता था, उनकी बात सुनना चाहता था। कोई कारण नहीं दिया बस कहा कि गिरफ्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा मोदीजी किसानों का कर्ज नहीं माफ कर सकते, सही रेट और बोनस नहीं दे सकते, मुआवजा नहीं दे सकते, सिर्फ किसान को गोली दे सकते हैं।
गेस्ट हाउस में राहुल से मिले मृत किसानों के परिजन
इस बीच मंदसौर में मृत किसानों के परिजनों को लेकर कांग्रेस नेता विक्रम गेस्ट हाउस पहुंचे और उन्हें राहुल गांधी से मिलने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद प्रशासन और पुलिस ने उन्हें अंदर जाने की इजाजत दे दी। जिसके बाद वे कांग्रेस उपाध्यक्ष से मिलने विक्रम गेस्ट हाउस में पहुंचे।
एसपीजी और पुलिस के बीच झड़प
एसपीजी ने जेल के वाहन में राहुल गांधी को गेस्ट हाउस ले जाने पर आपत्ति ली, उनका कहना था कि राहुल की जान को खतरा हो सकता है। लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी। कमलनाथ ने कहा कि हम यहां राजनीति करने नहीं आए थे, केवल मृत किसानों के परिवारों से मिलना चाहते थे। लेकिन बिना बताए गिरफ्तार कर लिया। जेडीयू के शरद यादव की भी पुलिस से झड़प हो गई, उन्होंने कहा कि मैं लोकसभा में सांसद हूं, बिना कारण बताए आप लोग मुझे गिरफ्तार नहीं कर सकते।
वे पहले उदयपुर पहुंचकर कार से मंदसौर के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते वे पुलिस को चकमा देने के लिए बाइक पर बैठकर निकल गए। बाइक कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी चला रहे थे, उनके पीछे सचिन पायलट भी बाइक पर आए। सुरक्षा के मद्देनजर मध्यप्रदेश पुलिस ने राजस्थान की सीमा से लगे सभी रास्तों को सील कर दिया। इस बीच मंदसौर गोलीकांड को लेकर सरकार ने मंदसौर कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह और एसपी ओपी त्रिपाठी को हटा दिया है।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार इसके पहले इंदौर होकर मंदसौर जाने की अनुमति न मिलने के बाद कांग्रेस ने राहुल गांधी को चार्टेड प्लेन से सीधे मंदसौर या फिर नीमच हवाई पट्टी पर ले जाने की योजना बनाई गई थी। इस दौरान प्लेन को नीमच या मंदसौर हवाई पट्टी पर लैंड करने की अनुमति मांगी गई, जो काफी कोशिश के बाद भी नहीं मिली।
सूत्रों की मानें तो इसके पीछे प्रदेश के खराब हालत है, जिसमें राहुल गांधी सुरक्षा एक अहम मुद्दा है। दूसरा भाजपा यह नहीं चाहती है, कि राहुल गांधी ऐसे समय में मंदसौर जाए और इस आंदोलन को एक नई हवा दे।
मंदसौर शहर से लेकर जिलेभर में गुरुवार को शांति रही। नए कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने आते ही पहले मंदसौर शहर और आंदोलन से ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मंदसौर में शाम को 4 से 6 बजे के बीच कर्फ्यू में 2 घंटे की ढील दी गई।
पिपलिया मंडी टीआई अनिलसिंह ठाकुर को लाइन अटैच कर दिया गया है। जिलेभर से 62 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर जिलेभर में सीआरपीएफ, आरपीएफ, क्यूआरएफ, एसएफ की कंपनियां तैनात हैं। 4 आईपीएस अफसरों को भी पीएचक्यू से भेजा गया है।
पिपलियामंडी में कर्फ्यू लगा हुआ है। फिलहाल शांति है। जिले के विभिन्न स्थानों पर 144 लगा है। भानपुरा में पुलिस बल तैनात रहा। गरोठ में फ्लैग मार्च निकाला। शामगढ़, सीतामऊ सहित सभी नगर बगैर कर्फ्यू के बंद रहे। दूध लगभग 100 रुपए लीटर बिका। सब्जियां भी चौगुने दामों पर बिक रही हैं। मल्हारगढ़ में पेयजल सप्लाय नहीं हुआ। महू-नसीराबाद राजमार्ग पर जले हुए सभी ट्रकों को मार्ग हटाकर रास्ता खोल दिया गया। छुटपुट यातायात चालू है।
[20:25, 6/8/2017] +91 94250 16515: तीन चार दिन से मप्र के कर्फ्यू ग्रस्त इलाके मे हूं | जहां एहतियातन इटरनेट, मोबाइल डाटा पूरी तरह से बंद है |आज राजस्थान आने पर मेरा मोबाइल डाटा थोड़ी देर के लिए अॉन हुआ है पिछले चार दिन के मैसेज मुझे नही मिल पाये हैं और न मिलेगा | अत: इस बीच ग्रुप मे कोई नीतिगत निर्णय हुआ हो तो मुझे अनभिज्ञ मानें |




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