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किसान आंदोलन में मृतकों के परिजनों से मिलने जा रहे राहुल गांधी की नीमच में गिरफ्तारी, जमानत पर छोड़ा
किसान आंदोलन में मारे गए छह किसानों के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ, दिग्विजय सिंह सहित जीतू पटवारी के साथ सड़क रास्ते से मंदसौर की तरफ जा रहे थे कि नीमच के पास उन्हें शांतिभंग करने की कोशिश में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तुरंत जमानत देकर वापस जाने को कहा। बाद में मृत किसानों के परिजनों से एक गेस्ट हाउस में ले जाक मिलवाया गया। करीब छह घंटे तक यह ड्रामा चला और शाम को राहुल गांधी वापस दिल्ली रवाना हो गए।
मप्र के मंदसौर, रतलाम और नीमच जिले किसान आंदोलन की आग में जल रहे हैं और इस में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पहचान छिपाकर मप्र की सीमा में प्रवेश करना पड़ा है। गांधी को रोकने के लिए राजस्थान- मप्र बॉर्डर स्तिथ नयापुरा गाव में 1000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए। वहां स्थित विक्रम फोर्ट को अस्थाई जेल घोषित कर दिया गया।
पहले वे चार्ट्ड प्लेन से सीधे नीमय या मंदसौर की हवाई पट्टी पर उतरने वाले थे लेकिन स्थान पुलिस व प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद वे उदयपुर तक विमान से आए और फिर सड़क के रास्ते राजस्थान से मप्र की तरफ बढ़े। उनके साथ कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सचिन पायलट, जीतू पटवारी सहित कई नेता थे। राहुल गांधी को जीतू पटवारी एक बाइक पर मप्र की सीमा में लाए जहां उनकी पुलिस कर्मियों से बहस भी हुई। नीमच पुलिस ने गांधी को सुरक्षा कारण भी बताए। राहुल गांधी की उनसे झड़प भी हुई।
वायदा पूरा नहीं हुआ तो किसान आंदोलन हुआ
बीजेपी के मुखर नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने किसान आंदोलन को लेकर कहा ऐसा लगता है कि किसानों की आय को दुगना करने का वायदे का असर किसानों की समस्या पर पडा है जिसका नतीजा है कि किसानों ने आंदोलन का सहारा लिया है।




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