चिकित्सा शिक्षा विभाग के नर्स कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने जा रहे हैं। इस आंदोलन की शुरुआत आगामी 5 जून से होगी। कर्मचारियों की वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगे हैं। हेल्थ एंड मेडीकल एजुकेशन एम्लाइज एसोसिएशन ने मांगे न माने जाने पर 6 मेडिकल कॉलेजों को बंद करने की भी चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के नर्स कर्मचारी कई दिनों से वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। लेकिन आश्वासन के बाद भी अभी तक इनकी मांगे पूरी नहीं की गई है।
हेल्थ एंड मेडिकल एजुकेशन एम्पलाइज एसोसिएशन के बैनर तले एक बार फिर यह कर्मचारी आंदोलन करने की तैयारी में हैं। इस आंदोलन की शुरुआत 5 जून से होगी। कर्मचारी प्रदेश सरकार पर उनके साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगा रहे हैं।
दरअसल ग्वालियर और रीवा मेडिकल कॉलेज में नर्स कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दिया जा चुका है, जबकि विभाग के ही अन्य 4 मेडिकल कॉलेजों को इस लाभ से दूर रखा गया है। ऐसे में कर्मचारी आरोप लगा रह है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग अपनी मनमानी कर कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रहा है।
मेडिकल एम्प्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र कौरव का आरोप है कि स्वास्थ विभाग के भर्ती नियम चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी लागू है, लेकिन इसके बाद भी चिकित्सा विभाग के नर्स कर्मचारियों को 20 सलों से वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिला है।
सुरेन्द्र कौरव का कहना है कि नर्स कर्मचारी इस बार सरकार के खिलाफ आर—पार की लड़ाई लड़ेगा। आंदोलन के चलते सीधा असर स्वास्थ सेवाओं पर देखने को मिल सकता है, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
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