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यूपी-उत्तराखंड में बीजेपी, पंजाब में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत, गोवा-मणिपुर में कांग्रेस बड़ी पार्टी बनी
देश के पांच प्रमुख राज्यों उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में हुए विधानसभा चुनावों के शनिवार को हुई मतगणना में बीजेपी को उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड के मतदाताओं ने दो तिहाई से ज्यादा बहुमत दे दिया है। वहीं कांग्रेस भी पंजाब में दो तिहाई बहुमत लेकर सरकार बनाने की स्थिति में है लेकिन दोनों दलों को गोवा और मणिपुर में मतदाताओं ने मझदार में लटका दिया है। हालांकि मणिपुर और गोवा में कांग्रेस जीते गए प्रत्याशियों के आंकड़ों के हिसाब से सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन सरकार बनाने के जादुई आंकड़े के लिए उसे अन्य विजयी प्रत्याशियों का सहारा लेना होगा। यह आंकड़ा कांग्रेस के कम विधायकों का है लेकिन बीजेपी को ज्यादा संख्या की जरूरत के बावजूद वह अन्य की मदद के लिए साम-दाम-दंड भेद की नीति अपना सकती है। ऐसे में दोनों राज्यों में बीजेपी सरकार बनाने का दांव खेल सकती है।
उत्तरप्रदेश में 403 सीटों की विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 202 का जादुई आंकड़े की जरूरत थी लेकिन बीजेपी ने यहां अपने बल पर 324 सीटों पर जीत हासिल कर लोकसभा 2014 की तरह अप्रत्याशित बहुमत हासिल कर लिया है। अब यहां से बीजेपी को राज्यसभा में अपने बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने में मदद मिल जाएगी। यही नहीं इस प्रदेश में मिली भारी जीत के कारण 324 सीटों के कारण राष्ट्रपति चुनाव में अपने बल पर अपने प्रत्याशी को देश के प्रथम नागरिक की कुर्सी पर बैठाने की बाधाएं भी नहीं आएंगी। यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा तो बसपा पिछले चुनाव की तुलना में एक चौथाई सीटों पर भी जीत हासिल नहीं कर पाई। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव के घोर विरोधी शिवपाल सिंह यादव जहां चुनाव जीत गए, वहीं मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव अपनी सीट नहीं जीत सकीं। सांसद संजय सिंह की पत्नी और पूर्व पत्नी के बीच चुनावी लड़ाई में पूर्व पत्नी गरिमा सिंह के सिर पर जीत का सेहरा बंधा।
बीजेपी के लिए दूसरी बड़ी अप्रत्याशित जीत उत्तराखंड में रही जहां उसने 36 सीटों के बहुमत के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ते हुए 57 सीटों विजयश्री हासिल की। इस तरह 80 फीसदी सीटों पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया। कांग्रेस को यहां दो तिहाई सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को दोनों ही सीटों से हार का सामना करना पड़ा।
वहीं पंजाब में कांग्रेस ने दो तिहाई सीटों को जीतकर सरकार बनाने के जादुई आंकड़े 59 को काफी पीछे छोड़ दिया है। 117 सीटों के पंजाब में कांग्रेस ने 77 सीटों पर जीत हासिल की और दूसरी बड़ी पार्टी के रूप में यहां आम आदमी पार्टी आ गई है। आप को यहां 20 सीटें मिली हैं तो बीजेपी के सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल को 18 सीटों पर जनता ने रोक दिया है। दिल्ली में सरकार चलाने वाली आप को पड़ोसी राज्य पंजाब में प्रमख विपक्षी दल की भूमिका मिल गई है।
गोवा में 21 सीटों पर सरकार बनाने के आंकड़े तक न बीजेपी पहुंची है और न ही कांग्रेस। यहां 17 सीटें कांग्रेस ने जीती हैं तो बीजेपी ने 13 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाई है। 10 अन्य प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है जिनका सरकार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान होगा। यहां कांग्रेस का रास्ता मुश्किल नहीं है लेकिन इसे बीजेपी कठिन बना सकती है। वह अन्य विधायकों के साथ कोई समझौता कर कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फेर सकती है।
वहीं मणिपुर में 60 विधानसभा सीटों में से 31 सीटें जीतने वाली पार्टी को सरकार बनाने का अधिकार है लेकिन इस आंकड़े तक न कांग्रेस पहुंच सकी है, न ही बीजेपी। कांग्रेस 27 सीटों पर बीजेपी 22 आंकड़े पर अटककर रह गई है। यहां टीएमसी को एक सीट तो 10 अन्य प्रत्याशियों के खाते में गई हैं। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को यहां चार विधायकों की जरूरत होगी तो बीजेपी को नौ। कांग्रेस का काम आसान है लेकिन बीजेपी भी यहां सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत लगा देगी।




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