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प्रेमिका ही नहीं छह साल पहले मां-बाप को भी कर चुका है कब्र में दफन
साकेतनगर में अपनी प्रेमिका को मार डालने के बाद कमरे में कब्र में दफनाने वाले उदयन ने छह साल पहले अपने माता-पिता की भी हत्या कर उन्हें भी कमरे में दफन कर दिया था। अब उसके माता-पिता के शवों की तलाश में पुलिस रायपुर के लिए रवाना हो रही है।
हाईप्रोफाइल मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। गर्लफ्रेंड का मर्डर कर उसकी लाश को बक्से में डालकर सीमेंट का चबूतरा बनाने वाले आरोपी उदयन दास ने खुद के मां-बाप की हत्या करने की बात भी स्वीकार की है। आरोपी उदयन दास (32) ने शनिवार को पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया। उसने बताया कि रायपुर में 2011 में माता-पिता की हत्या करने के बाद उसने उनकी लाश घर के आंगन में ही गाड दी थी। पश्चिम बंगाल के बांकुरा में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की बेटी आकांक्षा उर्फ श्वेता (28) की 2007 में उदयन नाम के लडेके से ऑरकुट पर दोस्ती हुई थी। जून 2016 में घर से नौकरी करने की बात कहकर आकांक्षा भोपाल आ गई। यहां वह उदयन के साथ रहने लगी। उसने परिवारवालों को बताया कि मैं अमेरिका में नौकरी कर रही हूं।
जुलाई 2016 के बाद आकांक्षा के परिवारवालों से बात होनी बंद हो गई। भाई ने नंबर ट्रेस कराया तो लोकेशन भोपाल की निकली। परिवार के लोगों को शक था कि आकांक्षा उदयन के साथ रह रही है। दिसंबर 2016 में आकांक्षा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। एक महीने की जांच के बाद पुलिस उसके बॉयफ्रेंड उदयन के घर पहुंची। वह घर के अंदर मौजूद था, लेकिन बाहर ताला लगा रखा था। उसी ने अंदर से पुलिस को चाबी दी। पूछताछ में उसने आकांक्षा की हत्या की बात कबूली।
उदयन ने पुलिस को बताया कि 2011 में वो अपने मां-बाप का भी मर्डर कर चुका है। इसके बाद रायपुर (छत्तीसगढ) में शांति नगर स्थित अपना मकान बेच दिया था।आरोपी के मुताबिक, दोनों की लाशें उसने आंगन में ही गाड दी थीं।इस बीच, आकांक्षा का सुभाष नगर विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उसके परिवार के लोग मौजूद थे। आरोपी से पूछताछ के बाद एक टीम रायपुर भेजी जा रही है। यह साफ नहीं है कि क्या सही में उसने माता-पिता की हत्या की है और अगर ऐसा है तो उसकी वजह क्या है?
उदयन के पिता वीके दास भेल में फोरमैन थे। उनकी मौत हो चुकी है।उदयन की मां विध्यांचल भवन में एनालिस्ट की पोस्ट से रिटायर हुई थीं। उनकी पेंशन लगभग 30 हजार रु. आती है। फेडरल बैंक एमपी नगर शाखा में पिता पीके दास के साथ ज्वाइंट अकाउंट है। उदयन मां की पेंशन हर माह निकालता था। लेकिन वह कहां हैं, यह बताने को तैयार नहीं था। मां का नंबर भी देने को तैयार नहीं था।
आकांक्षा अपने एक दोस्त से फोन पर अक्सर बात करती थी। यह बात उदयन को नागवार गुजरती थी।14 जुलाई 2016 की रात आकांक्षा और उदयन के बीच जमकर बहस हुई थी। आकांक्षा सो गई लेकिन उदयन रातभर जागता रहा। मारने की प्लानिंग करता रहा।15 जुलाई की सुबह वह आकांक्षा के सीने पर बैठ गया और तकिए से उसका तब तक मुंह दबाता रहा, जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने हाथ से उसका गला घोंट दिया।




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