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2000 के बाद अब तक का तीसरा सबसे बड़ा रेल हादसा
इंदौर-पटना ट्रेन हादसा 2000 के बाद का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हादसा बताया जा रहा है। करीब छह साल पहले भी पश्चिम बंगाल में रेल पटरियों में तोड़फोड़ किए जाने से ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में हादसा हुआ था जिसमें 148 लोगों की मौत हुई थी, आज हुए हादसे में अब तक 125 यात्रियों के मारे जाने की खबर है।
– 3 दिसंबर 2000 को पंजाब में सराय बंजारा और साधुगढ; के बीच हावड़ा-अमृतसर मेल पटरी से उतरी मालगाडी पर चढ गई। इस हादसे में 46 की मौत हो गई थी और 130 घायल हुए थे।
– 22 जून 2001 को मंगलोर-चेन्न्ई मेल की कई बोगियां केरल में कोझिकोड के निकट मंगलोर-चेन्न्ई मेल कडालुंदी नदी में गिर गई थीं। इस हादसे में 40 की मौत हुई थी।
– 9 सितंबर 2002 को बिहार के औरंगाबाद में हावडा-दिल्ली एक्सप्रेस पुल के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में जहां 120 लोग मारे गए थे वहीं 150 घायल हुए थे।
– 12 मई 2002 को नई दिल्ली से पटना जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पटरी से उतर गई थी जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी
– 15 मई 2003 को हुआ था जब पंजाब में पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई थी। जिसमें 40 लोग जिंदा जल गए थे वहीं 50 घायल हुए थे।
– महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में करवार-मुम्बई सेंट्रल होलीडे स्पेशल ट्रेन 22 जून 2003 को पटरी से उतर गई थी। इस दुर्घटना में 53 लोग मारे गए थे वहीं 25 लोग घायल हुए थे।
– 28 मई 2010: पश्चिम बंगाल में रेल पटरियों में तोड-फोड के कारण ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरियों से उतर गए थे और उनमें एक मालगाडी ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 148 लोगों की मौत हुई थी।
– पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में 9 जुलाई 2010 को सैंथिया स्टेशन के पास सियालदह जा रही उत्तरबंगा एक्सप्रेस की वनांचल एक्सप्रेस से टक्कर हो गई थी। दुर्घटना में 60 मौतें हुईं और 150 घायल हुए थे।
– 22 मई 2012 को बैंगलोर जा रही हम्पी एक्सप्रेस आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक मालगाड;ी से टकरा गई थी। इस हादसे में कम से कम 25 लोग मारे गए थे।
– 2015 में भी 21 मार्च को उत्तर प्रदेश में बछरावां स्टेशन के नजदीक देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 46 लोग मारे गए थे वहीं 150 घायल हुए थे।




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