7 वर्ष पुराने प्रकरण में 3 अपहृत बालिकाओं को मानव दुर्व्यापार के चंगुल से बचाकर वापस घर पहुँचाया

थाना पीपलरावां जिला देवास के ग्राम मुङलादांगी की रहने वाली तीन बालिकाओं का किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा 12 मई 2014 को अपहरण किया गया था। बालिका के पिता की सूचना पर धाना पीपलरावां जिला देवास में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। वर्ष 2014 से लगातार तीनों बालिकाओं की पतारसी हेतु अथक प्रयास किये गए।

तीनों अपहृत बालिकाओं के अपहरण को गंभीर चुनौती के रूप में लेते हुए पतारसी हेतु जनवरी 2021 में एक विशेष टीम का गठन किया गया। विशेष टीम द्वारा आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों में एक बार पुनः आसूचना संकलन हेतु मुखबिरों का नेटवर्क विकसित किया गया। पुलिस की टीमों को बालिकाओं की तलाश हेतु शिवपुरी, गुना, मंदसौर, नीमच, राजस्थान, झांसी, दिल्ली, मुम्बई, जलगांव, भुसावल व नागपुर भेजा गया। इसके अलावा अन्य जिलों एवं राज्यों के नारी विकास केन्द्रों, सखी केन्द्रों और नारी निकेतन केन्द्रों में जहाँ रेस्क्यू की गई बालिकाओं व महिलाओं को रखा जाता है, वहां भी पुलिस टीम द्वारा बालिकाओं, महिलाओं व केन्द्रों के प्रबंधकों से पूछताछ की गयी।

जिसके उपरांत उपरोक्त केन्द्रों से संबंधित पुलिस स्टेशनों का पता कर वहाँ के अपराधों की केस डायरियों व दस्तयाब की गयी बालिकाओं के कथनों का अवलोकन करते हुए एक बालिका के कथन थाना पीपलरावां के अपराध की घटना से मिलते जुलते पाये गए। जिसके आधार पर बालिका के संबध में पतारसी करते पता चला कि बालिका अजमेर में है। टीम द्वारा बालिका का डी.एन.ए. टेस्ट करवाया गया जिससे यह स्पष्ट हुआ की वह मुंडला दांगी थाना पीपलरावा के प्रकरण की एक अपहृता बालिका है। इस प्रकार टीम ने प्रकरण की पहली बालिका को दस्तयाब किया गया।

दस्तयाब बालिका को भरोसे में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में बालिका द्वारा बताया गया कि पास ही एक और सखी केन्द्र में उसकी दोस्त भी है। वह भी मुंडला दांगी की है और वह भी उसके साथ ही अपहृत हुई थी। जिस पर कथित बालिका से चर्चा कि गयी तो उसके द्वारा जो घटना बतायी गयी वह भी पीपलरावां की घटना से मिलती जुलती पायी गयी। इस प्रकार पुलिस को सात वर्ष पुराने मामले में दूसरी सफलता प्राप्त हुई।

दोनों बालिकाओं ने सामान्य पूछताछ में बताया कि उनके साथ की तीसरी बालिका संभवतः नागपुर के किसी इलाके में हो सकती है क्योंकि‍ आखरी बार उसे राजस्थान से नागपुर भेजा गया था। सूचना पर तत्काल टीम को नागपुर रवाना किया गया। टीम द्वारा नागपुर जाकर तीसरी बालिका की तलाश कर उसे भी दस्तयाब कर लिया गया है।

इस प्रकार देवास पुलिस के व्दारा अथक प्रयास कर वर्ष 2014 में एक साथ अपहृत हुई तीनों बालिकाओं को सात वर्ष पश्चात दस्तयाब किये जाने में सफलता प्राप्त हुई।

बालिकाओं से पूछताछ में एक गिरोह सामने आया है। जिसके आधार पर प्रकरण में 19 व्यक्तियों लक्ष्मण, संपत बाई, पवन, आजाद, फुलचंद, गुलाब, संत कुमार, रुपिया उर्फ रुपचंद, मोरा, मनी, लक्ष्मण के पुत्र साहिल, हरिश, राहुल, विकास, जगदीश, जगदीश की पत्नी, आजाद, शकिना को आरोपी बनाया गया है। प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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