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समाज के हर वर्ग में नैतिकता में गिरावट आई है मगर आज भी आमजन राजनेता और अफसरों से यह अपेक्षा रखता है कि वे आदर्श प्रस्तुत करें और समाज को दिशा दें। आमजन की इस अपेक्षा पर लगातार नेता और अफसर खरे नहीं उतर पा रहे हैं और बीते कुछ दिनों में ऐसे आधा दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए जिनमें नेताओं विजय शाह, विश्वास सारंग, प्रतिमा बागरी से लेकर अफसरों संतोष वर्मा, मनोज खत्री पर ऐसे आरोप लगे जो समाज को आदर्श पेश करने के बजाय उनके जीवन को दागदार करते चले गए। पढ़िए रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश में राजनीति और प्रशासन की बागडोर जिन लोगों के हाथों में है, उनमें से कुछ लोगों की करतूतों की वजह से उनकी बिरादरी पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। एक मामला शांत होता नहीं है कि दूसरा सामने आ जाता है। यह जरूर है कि पहले ऐसे मामले सार्वजनिक नहीं हो पाते थे क्योंकि तब लोगों के हाथों में मोबाइल नहीं था और आज हर हाथ में मोबाइल है जिसमें मुफ्त जैसा डाटा उपलब्ध होने से कोई भी घटना या असामान्य बात छिपी नहीं रहती है। पलक झपकते ही छोटी से छोटी असामान्य घटना या कोई ऊटपटांग हरकत मोबाइल का कैमरा कैद कर लेता है और देश दुनिया में पहुंचा देता है।
आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को अपने संगठन के कार्यक्रम में उनके अपनों के बीच भाषण दे रहे थे मगर उनकी ब्राह्मण समाज के संदर्भ में की गई टिप्पणी उनकी सरकारी नौकरी पर भारी पड़ गई है। देशभर में उनके खिलाफ आंदोलन हुए और सरकार को उनकी आईएएस नियुक्ति वापस लेने के लिए केंद्र को पत्र लिखना पड़ा। अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि दूसरे आईएएस अधिकारी और ग्वालियर के कमिश्नर मनोज खत्री के एक सटोरिये के बचाव में आकर अधीनस्थों को मोबाइल पर दिए गए निर्देशों ने उन्हें उलझन में डाल दिया है। जिस व्यक्ति को बचाने के लिए खत्री फोन कर रहे थे, उसको लेकर जो तथ्य वायरल हो रहे हैं, उससे लगता है कि वह मानव तस्करी जैसे घिनौने अपराध में शामिल है।
कमोबेश, ऐसी ही स्थिति नेताओं के मामलों में भी बनी है। कुछ दिनों के भीतर मंत्री विश्वास सारंग पर भोपाल में लव जिहाद के आरोपों में घिरे शारिक मछली से संबंधों से सुर्खियों में रहे तो मंत्री विजय शाह ऑपरेशन सिंदूर में मुस्लिम समुदाय की महिला सैन्य अधिकारी को सेना की कार्रवाई की ब्रीफिंग के लिए मीडिया के सामने लाए जाने पर विवादित बयान देकर फंस गए थे। हालांकि शाह यहीं रुके बल्कि लाड़ली बहना की राशि पाने वाली महिलाओं को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाने से भी नहीं चूके और बाद में सफाई देते फिरे। इसके बाद मंत्री प्रतिमा बागरी जब उनके भाई और भांजे मादक तस्करी में पकड़े गए तो सवाल किए जाने पर भड़क उठीं थीं और अब पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र व पूर्व मंत्री दीपक जोशी चौथी शादी संबंधी सुर्खियों पर सोमवार को सफाई देने जा रहे हैं।
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